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रशियन लूडो और ग्रुप सेक्स-3

Russian Ludo Aur Group Sex- Part 3

रशियन लूडो और ग्रुप सेक्स-2

मेरी रशियन बीवी मेरे दोस्तों से चूत और गांड चुदाई करवा के ग्रुप सेक्स का मजा ले रही है.
अब आगे:

नताशा ने अपनी पोजीशन को थोड़ा सा बदलते हुए अपनी गांड थोड़ी और फैला दी, और मेरा लंड अब थोड़ा आराम के साथ उसकी गांड में घुसना शुरू हो गया. नताशा के चेहरे पर भी मुस्कराहट खिल गई और वो लहरा-लहरा कर हमसे गांड मराने लगी.

तभी सामने से स्वान ने आकर अपना डिल्डो मेरी वाइफ के मुंह में घुसेड़ दिया.
आज की रात हमारी कॉमन वाइफ ने स्वान के दैत्याकार लंड को अपनी जीभ से चाटते हुए, होठों के बीच चूसना शुरू कर दिया. इस शानदार सीन को देखते हुए मुझे ये अहसास हुआ कि शायद मैं ही दुनिया का सबसे खुशकिस्मत पति था! भीमकाय लंड को मुंह में डाले, दो-दो लौड़े अपनी गांड में पिलवा रही बीवी को देख पाना सभी की किस्मत में नहीं!!

एंड्रयू का लंड किसी भी हालत में 25 सेमी से कम नहीं था और वो सिर्फ आधा-अधूरा ही गांड के अन्दर घुस पा रहा था, जबकि मेरा लंड अब पूरा का पूरा अन्दर तक सफ़र कर रहा था. लेकिन हमारी चुदक्कड़ नताशा को इन सारी टेक्निकल डिटेल्स से कोई लेना देना नहीं था, वो तो बस स्वान के गर्दभ लंड को पूरे मनोयोग से चूसने में लगी हुई थी, जबकि एंड्रयू संग हमारे दो-दो लंड उसकी गांड की गहराई नापने में लगे हुए थे.

लंड चुसवा रहे स्वान की आँखें तो नताशा की गांड में घुस रहे एंड्रयू संग हमारे लंडों पर ही लगी थी और अत्यधिक उत्तेजनावश स्वान का लंड मेरी बीवी की नर्म-गर्म-गुलाबी-रसेदार जीभ के सानिध्य में और भी ज्यादा फूल गया, और अब नताशा उसे मुश्किल ही अपने मुंह के अन्दर घुसेड़ पा रही थी.

अब हमने पोज बदलने का फैसला किया, एंड्रयू ने रशीयन रंडी की गर्दन जकड़ कर अपना लौड़ा गांड से निकाल, नर्म चूत में शिफ्ट कर दिया. चूत की भट्टी की गर्मी पाकर वो कांपते हुए होठों से मेरी बीवी का चुम्बन करते हुए अपनी जीभ निकाल उसके मुंह में घुसेड़ने लगा, जबकि उसका निर्दयी चुदाई यंत्र बिना किसी दया के मेरी असहाय बीवी की चूत मारने में लगा ही हुआ था!

थोड़ी देर बाद मैं एंड्रयू की बगल में लंड नताशा के चेहरे के सामने पेश करता हुआ लेट गया और मेरी प्यारी गुड़िया मुस्कुराते हुए उसे चूसने में लग गई.

नीचे से एंड्रयू चिकनी-गुलाबी चूत चोदने में मस्त था जबकि पीछे से स्वान गांड के परखच्चे उड़ाने में!
मेरी शानदार-सुन्दर बीवी को अलग-अलग छेदों में चल रही संगीतमय चुदाई में इतना मजा आ रहा था कि वो समय-2 पर मेरे लंड को मुंह से निकाल कर अपने गालों पर थपकाने लग गई थी!

यह मुझे इतना उत्तेजित कर गया, कि मैंने स्वान को एंड्रयू के संग मिलकर चूत मारने का आदेश दिया.
‘थैंक्यू दोस्त, कि तुमने मुझे आज इतनी हसीं लड़की के साथ प्यार करने का मौका दिया…’ स्वान ने गंभीर होकर मेरा कृतज्ञता ज्ञापन करने की कोशिश की.

‘कोई बात नहीं दोस्त… तुमने भी तो अपने मोटे लंड से अपनी भाभी को इतनी ख़ुशी दी है… अब तो तुम खुद को उसका दूसरा पति समझो! और पति की तरह उसकी सुविधा का ख्याल रखते हुए उसे बिना दर्द पहुंचाए मस्त करके चोदो!!!’ मजाक करते हुए मैंने स्वान को सावधान भी कर दिया- तुम दोनों कहीं अपने गधे जैसे लंडों से हमारी प्यारी सी बीवी की चूत या गांड मत फाड़ देना!
‘क्या बात करते हो दोस्त… इतनी सुन्दर चूत, और गांड को मैं सोच भी नहीं सकता फाड़ने की… इन्हें तो बस चोदे जाओ, चोदे जाओ…’ स्वान ने मस्ती के साथ हसीना की गांड में धक्के मारते हुए, वासना में डूबी आवाज में कहा, और एंड्रयू के लंड के पेरेलल अपना लंड उसकी चूत में थोड़ा सावधानीपूर्वक, नियंत्रित धक्कों के साथ पेलने लगा.

‘आआआ… ओए मस्त!’ नताशा को अपनी चूत में दो-दो लंड पिलवाते हुए इतना मजा आ रहा था कि उसके चेहरे पर कम्पन की एक लकीर सी खिंच गई और वो आँखें बंद कर सिर ऊपर को उठा कर बड़बड़ाने लगी- हाँआआआ… ओए क्लास! मस्त!! मस्त!!! और जोर से चोदो मेरे राजाओं… उम्म्ह… अहह… हय… याह… हाय कितनी मस्त चुदाई… मैं बेकार में इतने दिनों तक नहीं मानी ग्रुप सेक्स के लिए, जब तुम मुझसे रिक्वेस्ट कर रहे थे जानू…’ मेरी तरफ देखते हुए बोली मेरी बीवी- लेकिन एक साथ दो लंड इतना मजा देंगे, मुझे कहाँ पता था… और वो भी एक ही छेद में!!!- हमारी पार्टनर अब सातवें असमान में थी.

‘तुम्हें पति का टोपा पसंद है ना नताशा… तो फिर चूसो उसे जरा ढंग से!’ व्यंग्य करते हुए, मानो किसी रण्डी के साथ बात कर रहा हो, स्वान ने नताशा से कहा.
इस तरह की भाषा ने मुझे और मेरी बीवी को बहुत उत्तेजित कर दिया और मैं दुगने जोश के साथ अपना लंड बीवी के गले में पेलने लग गया, खुद नताशा भी उत्साह के साथ तेजी से मेरा लंड चूसने लगी.

उधर स्वान ने चूत से लंड बाहर निकल कर गांड में घुसेड़ दिया. फिर गांड से निकल कर चूत में, जहाँ एंड्रयू का लंड भी घुसा हुआ था. उसने खेल करना शुरू कर दिया था, एक बार गांड मारता, फिर चूत में घुसेड़ देता… शायद उसे इसमें मजा आ रहा था… न सिर्फ उसको, बल्कि मेरी जानेमन को भी… क्योंकि वो भी पूरे उत्साह के साथ अपने पिछवाड़े को उभार-उभार कर स्वान को अपना लंड उसके छेदों में बदलवाने में पूरी मदद कर रही थी.

अब तक के सेक्स से मेरी बीवी पूरी तरह से संतुष्ट नजर आ रही थी, और उसने अब खुद ही धक्कों की गति बढ़ा दी थी… मजबूरन स्वान और एंड्रयू को भी तेजी से अपने लंड उसके छेदों में घुसेड़ने पड़ रहे थे.
इस बीच स्वान संग हमने अपने स्थान बदल लिए और मैंने रुसी लड़की की गांड में अपना लंड घुसेड़ दिया. लंड बेहद आसानी के साथ, मानो मक्खन में छुरी, अन्दर घुस गया. अन्दर घुसने पर मुझे किसी तूफान का अहसास हुआ!
बगल वाले छेद में घुसे हुए एंड्रयू के गधे जैसे लंड को मैं साफ महसूस कर रहा था… अन्दर भट्टी की गर्मी से मेरा लंड जलने लगा तो मैंने धक्के मारने शुरू कर दिए. मैं धीमे-2 लंड को गांड की पूरी लम्बाई में चोदने लगा जबकि नताशा का मुंह पूरे मनोयोग से स्वान के लंड को पुचकारने में लगा रहा.

एंड्रयू संग हमारे लंडों को अपने छेदों में पिलवाते हुए वो समय समय पर स्वान का लंड चूसना बंद करके चीखने भी लग जाती थी.
क्या शानदार नजारा था…
एंड्रयू का भारी भरकम लंड मेरी जीवनसंगिनी की बच्चेदानी को चोदने में लगा हुआ था, मेरा छोटा लंड उसकी गांड में किसी पिस्टन की तरह घुस-निकल रहा था, तो स्वान के गर्दभ लंड ने मेरी छोटी सी गुड़िया का मुंह फाड़ कर रख दिया था. स्वान के किसी हैट जितने चौड़े टोपे को अपने मुंह में भरने की खातिर मेरी जान को अपना मुंह फाड़ कर खोलना पड़ रहा था! कुछ देर बाद मुझे बीवी की चूत में घुसने की इच्छा हुई, जहाँ पहले से ही एंड्रयू का लंड तबाही मचाये हुए था, और मैं बिना किसी शर्मो लिहाज के एंड्रयू के लंड की बगल में अपना लंड लगा कर अन्दर को ठूंसने लगा.

‘आआआ… क्लास! मजेदार… बड़े शानदार तरीके से तुम मेरी ओवरी में घुसे हो जान! सुपर… बस अब ऐसे ही दोनों मेरी चुदक्कड़ चूत को चोदते रहो…’ मेरी हमसफ़र के मुंह से इतनी अश्लील बात इतने नेचुरल तरीके से निकली और वो दुबारा उत्तेजना से अपने लंड को सहलाते स्वान का लंड चूसने लगी.

कोई दो मिनट तक कॉमन छेद को चोदने के बाद मैं अपनी बिल्ली की गांड में ट्रान्सफर हो गया और मजे के साथ अपना टोपा आसानी से अन्दर घुसा दिया. कमरे में चारों ओर वासना की महक फ़ैल चुकी थी और हमारे शरीरों की भी.

इस बीच मुझे लगा कि स्वान का लंड पत्थर की तरह कठोर होकर हमारी पार्टनर की गांड में घुसने को बेचैन था इसलिए मैंने दोस्त की इच्छा का सम्मान करते हुए अपना लंड शानदार हसीना के गुलाबी चूतड़ों से बाहर निकाल लिया.
‘क्या हुआ जान… क्यों निकल आए मेरी गांड से! तुम्हें पसंद नहीं अपनी सुन्दर बीवी की गांड?!!’ मेरी बीवी ने आश्चर्य से पूछा और फिर सब समझते हुए स्वान को आदेश दिया- आआआ… समझ गई… चलो स्वान, जल्दी से मेरे पति को रिप्लेस करो… जोरदार धक्के के साथ एक झटके में ही पूरा लंड अन्दर घुस जाना चाहिए!!!

स्वान ने बिजली की फुर्ती से आज्ञापालन करते हुए नताशा के चूतड़ों के पीछे जाकर अपने भारी भरकम लंड को गांड के गोल छेद से भिड़ा कर सांड की तरह जोरदार धक्के में पूरा का पूरा लंड, जड़ तक मेरी बीवी की भोसड़ा बन चुकी गांड में उतार दिया और फ्री धक्के लगाता हुआ गांड का बाजा बजाने लगा.

‘क्लास! हाँ… ऐसे! ऐसे, ऐसे, ऐसे… कितना मजा आ रहा लड़को तुम लोगों के साथ!! तुम लोगों के लंड इतने बड़े-बड़े हैं… पहले तो मैं इतने बड़े लंड देख कर डर ही गई थी… लेकिन अब मुझे इनसे प्यार हो गया है!!’ मेरी प्राणप्यारी ने अपने दिल की बात मुस्कुराते हुए शर्मा कर कह डाली.

दोनों लड़के बहुत खुश हो गए, उन्होंने मेरी बीवी को जीवन भर चोदने का वादा किया और थोड़ी देर के ब्रेक के बाद दुबारा अपने लट्ठ जैसे गंवार लंडों से उसके छेदों का कचूमर निकालने लगे!

करीब 5 मिनट हाहाकारी चुदाई करने के बाद हमने पोज बदलने का फैसला किया और बेड पर तकियों के ऊपर अपने कंधे टिका कर लेटते हुए एंड्रयू ने पटाखा लड़की को अपने पेट पर बैठा लिया. नताशा एंड्रयू के मुंह की तरफ अपनी कमर करके अमेरिकन लंड के ऊपर अपनी चंचल गांड रख कर बैठ गई.

एंड्रयू का भाले की तरह तना हुआ लंड जड़ तक मेरी बीवी की गांड में घुस गया और वो अपने दोनों हाथ अपने पीछे एंड्रयू के कन्धों पर टिकाए आगे-पीछे होने लगी. इस प्रक्रिया में एंड्रयू का लंड पूरा तो नहीं, लेकिन आधा-अधूरा गोरी रुसी लड़की की गांड के अन्दर-बाहर होने लगा.

पेट पर बैठा होने के कारण नताशा को हिल पाना जरा मुश्किल होने के कारण एंड्रयू ने उसके चूतड़ों के नीचे अपनी हथेलियाँ रख दी और इसके बाद हमारी हीरोइन आसानी के साथ आगे-पीछे होते हुए एंड्रयू के लंड को अपने मलद्वार के अन्दर-बाहर करवाने लग गई!

नताशा की तेज गति को देखते हुए एंड्रयू ने अपनी हथेलियां थोड़ा ऊपर उठा लीं, और नताशा के धक्कों के मार्ग को कुछ कम कर दिया. अब नताशा तेजी से एंड्रयू के लंड को अपनी चिकनी-गुलाबी गांड में अन्दर-बाहर करवाने में कामयाब हो गई, लेकिन इसके साथ-साथ अब लंड कम लम्बाई के साथ अन्दर घुस रहा था!

मेरी बीवी को नया पोज इतना पसंद आया कि वो पूरे उत्साह के साथ एंड्रयू के लंड को अपनी चुदक्कड़ गांड में यथासंभव अधिक और अधिक घुसवाने का प्रयत्न करने लगी. इतनी सुन्दर तस्वीर देख कर मेरे अन्दर जंगली वासना जग उठी और मैं अपना लंड हाथ में पकड़े नताशा के ऊपर चढ़ गया, अपने तपते हुए लंड को एंड्रयू के ठस्सेदार लंड से भरी हुई अपनी पतिव्रता बीवी की गांड में घुसेड़ दिया.

मैं इतना अधिक उत्तेजित हो गया था कि अपनी हथेलियाँ नताशा की चूत के ऊपर टिका कर जोर-2 से उसकी गांड में धक्के लगाने लगा.
उधर स्वान से भी सब्र नहीं हुआ, वो भी हमारी तिकड़ी में शामिल होने को आ गया और खाली पड़े एक छेद को अपने गर्दभ लंड से भर दिया.

हमारी पार्टनर ने ख़ुशी के साथ तीसरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और चटकारे लेकर उसे अपनी नर्म-गर्म-गुलाबी जीभ से चूसने लगी.

ये एक गज़ब का अनुभव था… शानदार चुदाई… ये बिल्कुल वैसा हो रहा था, जिसकी मैं हमेशा से ही कल्पना करता आया था! मेरे प्यार के सभी तीनों छेद तीन अलग-2 लंडों द्वारा चुद रहे थे! और सबसे मजेदार, और महत्वपूर्ण बात यह कि सबसे छोटे छेद में सबसे हैवी लंड स्थित था…
एकदम सही कहा मैंने: ‘स्थित’ था… क्योंकि स्वान को अपना लंड चलाने के लिए जरूरी जगह ही नहीं मिल पा रही थी!

एंड्रयू संग हम दोनों मजे से टांगें चौड़ी किए जवान-गोरी लड़की की मुंह, चूत मारने में लगे हुए थे. तभी स्वान ने गोरी की गांड से लंड बाहर निकाल कर उसके मुंह में जाने की इच्छा जताई, और एंड्रयू ने दोस्त की इच्छा का सम्मान करते हुए अपना लंड मेरी वाइफ के मुंह से बाहर निकाल लिया.

स्वान ने बेसब्री के साथ अपना हाथी जैसा लंड खाली हुए नाता के मुंह में घुसेड़ दिया. इसी के साथ एंड्रयू ने अपना लंड स्वान द्वारा खाली की गई गांड में घुसेड़ दिया.

मैं तो अपनी जन्म-जन्मांतर की हमसफ़र के ऊपर लेटा उसकी चूत मार ही रहा था… एक बदलाव की खातिर मैंने अपने लंड को एंड्रयू के लंड द्वारा चुद रही नताशा की गांड में घुसेड़ने की कोशिश की तो हर बार मेरा लंड फिसल कर दुबारा चूत में ही घुस जाता था!
इसका मतलब भगवान को ही मंजूर नहीं… और मैंने अपनी बीवी की चूत मारना जारी रखा.

ये देख कर मेरी बीवी ने अपनी क्लिट सहलाते हुए मुस्कुरा कर मेरी तरफ देखा, तो मुझे ऐसा लगा मानो वो मुझसे कह रही हो- देखा! कितनी शानदार बीवी हूँ मैं! तुम्हारी खातिर तीन-तीन लंड ले लिए अपने सारे छेदों को चुदवाते हुए!! दोनों बेगाने लंड तुम्हारे लंड से दुगने बड़े!!!
हाँ… ये सब सच था.

मैं अपनी बीवी की महानता के सामने नत मस्तक हो गया और फिर यथार्थ के धरातल पर उतरते हुए प्यार की देवी की मुस्कुराती, बल्कि अब तक तो खिलखिलाती हुई चूत को उसके ऊपर अपनी हथेलियाँ टिका कर चोदने लग गया. अब तक की भयानक चुदाई से नताशा की चूत पानी छोड़-छोड़ कर अपने आस-पास की जगह को कीचड़युक्त कर चुकी थी और मेरा साधारण साइज़ का लंड बाहर निकलने के बाद अन्दर जाने के बजाए साइड में फिसल जाता था.

हालाँकि ऐसी समस्या एंड्रयू या स्वान को नहीं आ सकती थी, क्योंकि उनके लंड मेरे लंड से कमसकम दो गुने बड़े और मोटे थे, और मेरी बीवी की चूत और गांड को अपने साथ बांध कर रखते हुए अन्दर-बाहर हो रहे थे!

खैर… मैं किसी तरह एडजेस्ट करता हुआ अपनी बीवी की चूत मारता रहा और मेरे मित्रगण उसकी गांड और मुंह!

पूरे कमरे में नताशा की वासनामयी चीखें और सिसकारियाँ गूंज रही थीं, अश्लीलता की खुशबू बसी हुई थी और कमरे का वातावरण सही मायनों में मस्त हो रहा था.

अचानक नीचे लेटा एंड्रयू झटके मारने लगा, उसने मेरी मिसेज के पैर कस कर पकड़ लिए और लंड को तेज गति से उसकी गांड में पेलने लग गया. मैं समझ गया कि मजबूत अमेरिकन लड़का एक बार फिर डिस्चार्ज होने की तैयारी में है!

मैंने सरलतापूर्वक नताशा के शरीर से अपना अंग बाहर निकाल लिया और गद्दे के ऊपर खड़ा हो गया. झड़ने को तैयार एंड्रयू भी अपने लंड को हाथ में थामे अपनी प्यारी प्रेमिका के नीचे से निकल आया और उसके चेहरे के सामने लंड पर मुठ मारने लगा.
स्वान तो काफी पहले से मुठ मारने में लगा हुआ था और सबसे पहले वही झड़ गया. नताशा अण्डों समेत उसके भयानक मोटे लंड को अपने दोनों हाथों से सहलाने लगी और स्वान झाड़ता गया.

पूरा झड़ने के बाद तीन पतियों की बीवी ने किलो भर का लंड अपने मुंह में लेकर चाटना शुरू कर दिया और जब तक वो सिकुड़ कर बिल्कुल छोटा नहीं हो गया, उसे सहलाती-पुचकारती रही.

उधर एंड्रयू लगातार दूसरी बार झड़ने को बिल्कुल तैयार हो चुका था, जैसे ही नताशा ने स्वान के वीर्य की आखिरी बूंद चाटी, एंड्रयू ने उसे पकड़ कर स्वान के लंड से अलग कर दिया और अपना लंड नताशा के मुंह की ओर करके भल-भल करके गाढ़ा वीर्य मेरी बीवी के चेहरे पर उगल दिया.

गर्म गाढ़ा वीर्य मेरी धर्मबीवी के गालों, होठों, गले, माथे, और बालों तक को सान गया!!

दुबली पतली लड़की ने आखिरी बूंद तक एंड्रयू के पाइप को भींच-भींच कर बाहर निकाल दी और फिर मेरी तरफ आकर्षित हुई… मैं तो जाने कब से इस पल का इंतजार कर रहा था.
और नताशा के कुछ देर मेरा सुपाड़ा चूसने के बाद मैंने पिचकारी छोड़ कर अपनी जन्म-जन्मान्तर की साथी के एंड्रयू और स्वान के वीर्य से सने चेहरे पर वीर्य का एक और ढेर लगा दिया.

नताशा ने बड़े मनोयोग से अपने सगे पति के लंड को चाट-चाट कर साफ़ करना शुरू कर दिया. काफी समय लगा कर मेरे लंड की सफाई पूरी करने के बाद थक कर मेरी गुड़िया बेड पर लेट गई और फिर हँसते हुए हम तीनों ने उसके साने हुए चेहरे पर अपने झड़ चुके लंड रख दिए और देर तक मजाक करते रहे.

अंत में हमारी बीवी हँसते हुए बेड से उठी और तौलिये से अपना चेहरा छुपा कर शर्माती हुई बाथरूम में घुस कर उसका दरवाजा अन्दर से बंद कर लिया. हम तीनों दोस्त कपड़े पहन कर किचन में जाकर बियर पीने लगे और शानदार चुदाई को डिस्कस करना शुरू कर दिया.

सभी खुश थे… और नताशा के बाथरूम से वापस आने पर सब उसकी आवभगत में लग गए!

दोनों मेहमानों ने खुद अपने हाथों से बनाकर अपनी भाभी को शेम्पेन का पेग दिया और खाने को स्नेक्स.

उस रात हमने बेइन्तहा चुदाई की, लेकिन इसके बारे में फिर कभी…
मेरी बीवी की ग्रुप में चुदाई की सेक्स स्टोरी आपको कैसी लगी?
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