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रशियन लूडो और ग्रुप सेक्स-1

Russian Ludo Aur Group Sex- Part 1

गर्मियों के दिन थे, जून का महीना.
नताशा और मैं, हम दोनों घर पर बैठे बोर हो रहे थे. तभी टेलीफोन की घंटी बजी, मेरे दोस्त स्वान का फोन था. उसने कहा कि वो एक अमेरिकन दोस्त के साथ है, और हमारे घर से ज्यादा दूर नहीं है, और मेरे यहाँ आ रहा है.
मैंने ख़ुशी से उसे अपने घर पर आमंत्रित कर लिया. करीब 40 मिनट बाद स्वान और एंड्रयू बियर की क्रेट लेकर हमारे घर आ चुके थे.

मैंने उन्हें फ्रिज से ठंडी बियर निकाल कर पीने को दी, और बैठ कर गप मारने लगे.

कुछ देर बाद नताशा भी हमारे कमरे में आ गई, और मैंने एंड्रयू के साथ अपनी बीवी का परिचय कराया. स्वान तो नताशा के साथ पहले से ही परिचित था.
अमेरिकन लड़का नताशा की सुन्दरता देख कर बहुत प्रभावित हुआ था और वो हर समय उसे ही देखे जा रहा था.

कुछ देर इधर-उधर की बातें करते रहने के बाद एंड्रयू ने नताशा से उसकी हॉबी के विषय में पूछा, तो उसने कहा कि उसे टीवी देखना पसंद है.

फिर एंड्रयू ने बताया कि अमेरिका में इंडोर गेम के रूप में ट्विस्टर काफी प्रचलित गेम है.
मुझे ट्विस्टर के बारे में अच्छी तरह से मालूम था और हमारे घर पर ट्विस्टर गेम सेट रखा भी हुआ था.

‘लेकिन जहाँ तक मुझे मालूम है, ये तो एक बहुत ही इंटिमेट गेम है… एक-दूसरे के बहुत ही नजदीकी व्यक्ति ही आपस में इसे खेल सकते हैं क्योंकि लोगों को एक दूसरे के ऊपर नीचे होना पड़ता है!’ वगैरह-2 मैंने अपना ज्ञान बखारा.
‘ये तो है… आपस में बिल्कुल खुले व्यक्ति ही इस गेम का पूरा लुत्फ़ उठा सकते हैं… कोई पर्दा नहीं होना चाहिये आपस में!’ एंड्रयू ने मेरी बीवी की तरफ नजर भर कर देखते हुए कहा.
‘बहुत इंटरेस्टिंग गेम लगता है… मैं ट्राई करना चाहूंगी इसे!’ मेरी बीवी मंद मुस्कराहट के साथ बोली.
‘लेकिन आपके पति को हो सकता है कि पसंद न आए… मेरा मतलब है कि शायद उन्हें पसंद न आए कि आप किसी दूसरे को स्पर्श करेंगी!’ एंड्रयू ने शंका व्यक्त की.

नताशा ने भवें झुका कर मुझसे पूछा- क्या सचमुच तुम्हें ऐतराज़ है डियर?
‘अगर तुम्हारा मन है खेलने का तो मुझे कोई ऐतराज़ नहीं!’ मैंने सहर्ष स्वीकृति दे दी.

अगर किसी को ट्विस्टर के बारे में न मालूम हो तो बताए देता हूँ… खेल में एक लूडो की तरह का बोर्ड होता है, जिसके बीच में एक घूमने वाला पहिया घड़ी की सुई जैसे एक तीर को चारों ओर घुमाता है. घुमाने का काम प्रत्येक खिलाड़ी को बारी-2 करना होता है. सुई जिस रंग पर जाकर रूकती है, उस खिलाड़ी को एक विशेष चटाई, जिस पर एक विशेष क्रम में अलग-2 रंग के खाने बने होते हैं, सुई के रुकने वाले रंग के खाने पर पहले अपने पैर, फिर हाथ, घुटने, कोहनी और अंततः सिर, या शरीर का कोई दूसरा अंग टिकाना होता है! खेल में जो सुई की शर्त को पूरा नहीं कर पाता, उसकी हार हो जाती है. तो ऐसा हल्का-फुल्का मजेदार गेम है ट्विस्टर… अब आप पूछोगे कि इसमें क्या मजेदार बात हो सकती है? जरा सोचिए… तीन लड़के, और एक लड़की उलटे सीधे पोज़ में हाथों-पैरों को फैलाए, एक-दूसरे-तीसरे-चौथे के ऊपर-नीचे होते रहेंगे!! आया समझ में! वही… लड़कों के लंड तो खूंटा तोड़ कर लड़की के छेदों में घुसने को बेक़रार हो जाएँगे!!!

मैं सम्भावित ग्रुप सेक्स से उत्साहित होकर जल्दी से ट्विस्टर सेट उठा लाया और फिर दोस्तों के साथ मिलकर हमने उसकी चटाई को फर्श पर बिछा दिया. लूडो बोर्ड को हमने सेंटर टेबल पर रखा और खेलने को तैयार हो गए!

लेडीज फर्स्ट… पहली बारी आई नताशा की!
नताशा ने पहिया घुमाया और जाकर रुका लाल रंग के गोले पर. नताशा ने बड़े आराम के साथ अपना बायाँ पैर चटाई पर बने लाल गोले पर रख दिया.

फिर बारी आई एंड्रयू की जो काले रंग पर रुका. उसने भी आराम से काले खाने में अपना पैर रख दिया.
फिर स्वान की जिसको पीले खाने में अपना पैर रखना था. अंत में मेरी… और मैं जाकर थमा अपने पसंदीदा नीले रंग पर… मैंने भी आराम से नीले खाने में अपना पांव जमा दिया.

पहले दो राउंड पूरा होने के बाद तो अभी सब बड़ी सरलता से खड़े थे, लेकिन अगले दो राउंड होने पर स्थिति ये थी कि किसी का हाथ किसी के गले के नीचे से होकर चटाई के खाने पर टिका था, तो किसी का पैर किसी के पैरों के बीच से होकर!! और अगले राउंड में तो स्थिति ये हो गई कि नताशा दोनों हाथ और पैर चौड़े किए कुतिया की तरह खड़ी थी और एंड्रयू का एक पैर उसके पैरों के बीच होकर जा रहा था, और दूसरा उसके नितम्बों के पीछे रखा था. स्वान उसके नीचे लेटा हुआ था, और मैं उसके मुंह के नीचे!!!

अगली बारी में एंड्रयू को झुक कर अपना घुटना नताशा के पीछे बने हरे रंग के खाने पर रखना पड़ा, और मुझे उसके सामने बैंगनी रंग पर.

स्थिति काबू से बाहर हो चुकी थी, एंड्रयू मेरी वाइफ के पीछे एकदम चिपटा हुआ था, मेरी पैन्ट की ज़िप नताशा के मुंह के सामने थी और स्वान नताशा के नीचे लेट सा गया था, उसका मुंह मेरी वाइफ की टांगों के बीच स्थित था!

नताशा के चूतड़ों से चिपके हुए एंड्रयू का लंड शायद पूरी तरह तन चुका था क्योंकि वो मेरी बीवी के नितम्बों से चिपटा जा रहा था और कपड़ों के अन्दर से ही नताशा के छेद को निशाना बना कर धक्के लगाने लगा था.
असुविधाजनक स्थिति होने के बावजूद सभी टिके रहने की यथासंभव कोशिश कर रहे थे क्योंकि कोई भी हारना नहीं चाहता था.

लेकिन मैंने हार मानते हुए एक दूसरी जीत की इबारत लिखने का फैसला किया. नताशा के मुंह के ठीक नीचे मेरी पैंट की जिप होने कि वजह से मैं उसकी गर्म सांसों को अपने लिंग पर अनुभव करने लगा और उत्तेजित हो उठा.

मैंने अपने सीधे हाथ को स्वतन्त्र करते हुए अपनी प्यारी बीवी की स्कर्ट के नीचे पहनी चड्डी को टहोक कर उसके बीच के हिस्से को एक तरफ कर उसकी मक्खन जैसी मुलायम, गुलाबी चूत को नंगी कर दिया और उसको हाथ से सहलाने लगा.

सभी लोग अपने पोज से उठ खड़े हुए, एंड्रयू ने अपनी जिप खोल कर अपना धुआं उगलता लंड बाहर निकाल लिया और उसे सहलाते हुए नताशा के होठों से छुआ दिया.
मेरी बीवी ने अमरीकन लंड को प्रसन्नतापूर्वक अपना मुंह खोल कर अन्दर ले लिया और बाएँ हाथ से पकड़ कर अपनी गर्दन को आगे-पीछे चलाते हुए उसे अपनी नर्म-गुलाबी जीभ से गीला करते हुए चूसने लगी.
दाएं हाथ से उसने मेरी पैंट टहोक कर उसकी जिप खोलते हुए मेरा खड़ा लंड स्वतन्त्र कर दिया. मेरी आँखों के सामने मेरा पसंदीदा चित्र उभर आया था… मेरी प्राणप्यारी बीवी एक हाथ से मेरा लंड सहला रही थी तो अपने दूसरे हाथ में एंड्रयू का मोटा लंड थामे उसे अपने मुंह में अन्दर-बाहर करते हुए चूस रही थी.

‘हाँ तो दोस्तो… कैसी लगी मेरी वाइफ! है गज़ब? पसंद है आप लोगों को? आज हम तीनों लोगों को ये अपने अन्दर लेगी!! आप तैयार हैं?’ मैंने नारा सा लगाते हुए कहा.
‘हाँआआआ… बहुत मन है इसकी गुलाबी चूत मारने का!’ अर्धविक्षिप्त सी आवाज में स्वान बोला.
‘मैं भी चाहता हूँ कि ये देर तक हम लोगों के लंड चूसे!!’ मैंने भी अपनी कामना उजागर की.

इस समय मेरी भार्या मस्ती में घूघूघू… की आवाजें निकालते अमरीकी मेहमान का तना हुआ मोटा लंड चूसने में लगी हुई थी.

अब सभी लोगों ने असुविधा की वजह से ड्राइंग रूम से अन्दर बेडरूम में जाने का फैसला किया, काले रंग की स्टोकिंग्स और इसी रंग की ब्रा पहनी हुई मेरी ब्लॉन्ड बार्बी डॉल को हाथों में उठा कर अन्दर हमारे विशाल डबल बेड पर लिटा दिया.

मेरी छोटी सी, प्यारी गुड़िया ने अपने दोनों पैर ऊपर उठा कर दाएं हाथ से अपनी चिकनी, सुन्दर, सपाट-गुलाबी चूत को सहलाना शुरू कर दिया.
यह देख कर तो हम तीनों मर्दों को उस पर टूट ही पड़ना था. दाईं तरफ मैं, बाईं तरफ स्वान अपने लंड सफ़ेद गुड़िया के होठों से लगा कर खड़े हो गए, जबकि एंड्रयू ने उसको अपनी छाती पर लिटा कर नीचे से उसकी नर्म गुलाबी चूत को चोदना शुरू कर दिया.

उधर स्वान ने मेरी नन्ही सी बीवी के चूतड़ों पे दो-तीन चपत लगा दी जिससे वो और उत्तेजित हो उठी और हम दोनों के लंडों को और अन्दर तक अपने मुंह में लेकर चूसने लगी.
फिर उसने स्वान के लंड को हाथ से पकड़ कर ध्यान से देखा. स्वान का लंड काफी बड़ा और मोटे टोपे वाला था. इसी वजह से जब मेरी बिल्ली हम दोनों के लंडों को इकट्ठा मुंह के अन्दर डालने का प्रयास करती थी तो उसे कामयाबी नहीं मिल रही थी.

मैंने मेहमान को तवज्जो देने की खातिर अपना लंड हटा लिया और मेरी बीवी ने अकेले स्वान के लंड को चाटना शुरू कर दिया. मैं देख सकता था कि मेरी जान को स्वान का लंड पसंद आया था, और वो उसे खूब मजे से चूस रही थी… कभी उसके टोपे को चाटती, कभी पूरी लम्बाई को अपने हलक में घुसेड़ लेती, तो कभी लंड को ऊपर उठा कर स्वान के अण्डों को चाटने लगती थी.

उधर एंड्रयू ने मेरी बीवी की गुलाबी सुगन्धित चूत को चाटना शुरू कर दिया था. मेरी आँखों के सामने मानो ब्लू फिल्म फ़ास्ट फॉरवर्ड में चलने लगी थी!

इधर नताशा काफी तेज गति के साथ स्वान का लंड चूसे जा रही थी, तो उधर एंड्रयू कुत्ते की तरह लपड़-2 मेरी बीवी की चूत चाटने में लगा था!

कुछ देर बाद शायद एंड्रयू का मुख थक गया और उसने मेरी रूसी सुन्दरी के पैरों को सीधा कर उसे बाईं करवट लिटा उसके पीछे लेट कर अपने एक हाथ से लंड सीधा कर मेरी प्राणप्यारी बीवी की चूत में घुसेड़ दिया.
‘ओओओओ… कितना शानदार! उम्म्ह… अहह… हय… याह… मजा आ गया! कितना गर्म है तुम्हारा!’ चूत के अन्दर पूरी खुराक मिलते ही मेरी नताशा बड़बड़ाने लगी.

मैं इस शानदार दृश्य को देख कर मानो स्वर्ग में आ गया और उंगली से अपनी बीवी की क्लिट रगड़ने लगा, जिससे उत्तेजित होकर उसने मेरे लंड को पकड़ कर ताकत लगा कर चूस डाला.
उधर पूर्ण उत्तेजना की स्थिति में आए स्वान ने भी नताशा के मेरे लंड से भरे गालों को टहोका तो वो मेरा लंड अपने मुंह से निकाल स्वान के लंड पर ट्रान्सफर हो गई.

‘है न शानदार मेरी वाइफ… देखा, कितनी मस्त सकिंग करती है!’ मैंने दोस्तों के सामने शेखी बघारी.
‘गजब!’ दोस्त ने फटी-फटी आँखों से संक्षिप्त उत्तर दिया.

मैं इतने से उत्तर से संतुष्ट नहीं हुआ और अपनी बीवी का बायाँ स्तन सहलाते हुए अपनी कमेन्ट्री चालू रखी- तुझे मजा आ रहा है एंड्रयू, कैसे वो तेरे ‘कॉक’ को अपनी ‘पुसी’ में डलवा रही है!
‘शानदार… इससे ज्यादा मजा और कहाँ आ सकता है!! ये तो बम है! गर्म भट्टी है!! सुपर पोर्न स्टार है तेरी वाइफ!!!’ बची हुई दाहिनी चूची को अपने हाथ में पकड़ते हुए एंड्रयू और जोरों से धक्के लगाता हुआ अपना मोटा लंड मेरी जानेमन की चूत में पहुँचाने लग गया.

अब हम दोनों ही अपनी पार्टनर की चूचियों को तेजी से मसलने लगे, जिससे वो और भी मस्त होकर अमरीकन लंड को अपने अन्दर लेने लगी और स्वान संग हमारे लंड चूसते-2 उसने दांतों से हल्का-2 काटते हुए, स्वान के लंड को ऊपर को उठा दिया और लटकते हुए अण्डों को अपनी गुलाबी जीभ से चाटने लगी.

स्वान ने मस्ती में चूर होकर अपनी आँखें बंद कर ली और आनन्द के अतिरेक में अपनी कमर लहराने लगा. दो माँसल टोपों को अपने मुंह में डालकर गर्म-गुलाबी जीभ से भिगोते हुए मेरी बीवी पूरी जी-जान से उन्हें चूसने में लगी थी, जबकि एंड्रयू सुध-बुध खोए गहरे और गहरे मेरी नन्ही सी गुड़िया की चूत मारने में लगा हुआ था.

मैंने लड़की के मुंह से अपना लंड निकालते हुए उसे स्वान का लंड चूसता छोड़ दिया और दोबारा अपना लंड उसके होठों के बीच जगह बनाकर अन्दर ठूंस दिया. दोनों लंड काफी फंसे हुए मुंह के अन्दर घुसे हुए थे, और सच पूछिये तो नताशा को मुंह चलाने के लिए जगह ही नहीं मिल पा रही थी, उसकी जीभ भी हमारे लंडों के बीच फंस सी गई थी और किसी भी प्रकार की क्रिया नहीं हो पा रही थी.

हमने स्थिति को समझ कर अपने लंड मुंह से बाहर निकाल लिए और मेरी बीवी ने कृतज्ञता स्वरुप अपनी नर्म-गुलाबी जीभ को नुकीला कर उनके टोपों को चाटना जारी रखा. मेरी शानदार बीवी की इस अदा ने मुझे मस्त कर दिया… दो एक दूसरे के समानान्तर खड़े लंड के बीच नताशा की सुन्दर चिकनी जीभ… वाह-2 क्या नजारा था!

‘सुपर! शाबाश… सुनो जाने मन, तुम नहीं चाहती कि स्वान तुम्हें नीचे लेट कर चोदे?’ बीवी से उसकी प्रशंसा करते हुए मैंने उसकी राय जाननी चाही.

‘हाआआआ… आआआआ…आआह… नीचे से चोदो मुझे स्वान!’ एंड्रयू के मोटे लंड के अनवरत धक्कों से सातवें आसमान में उड़ रही नताशा बोली.
‘जो हुक्म मलिका-ए-हुस्न…’ और स्वान का लंड उसके ऊपर बैठी मेरी जीवनसंगिनी की चूत में घुसने-निकलने लग गया, जबकि खुद नताशा आगे को झुक कर अपने पति, अर्थात मेरा लंड चूसने लगी.

कुछ देर में एंड्रयू भी मेरी बगल में आकर खड़ा हो गया, और मुझे वाइफ का मुंह उसके साथ शेयर करना पड़ा.

‘हाय कितना बड़ा है तुम्हारा! मेरे मुंह में तो पूरा घुस भी नहीं रहा… आआआआ…’ मेरे लंड को एक हाथ से सहलाते हुए नताशा बोले बिना न रह सकी क्योंकि सचमुच एंड्रयू के लंड की लम्बाई किसी ट्रेन जितनी थी… कम से कम मेरे और स्वान के लंड से तो काफी ज्यादा!
‘सक आल्सो हस्बैंड!’ एंड्रयू ने आदेश दिया.
‘उसका तो मैं रोज चूसती हूँ, लेकिन इतना हैवी लंड तो मेरे मुंह को रोज-2 नहीं मिलेगा!’ एंड्रयू के लंड को पूरा का पूरा अपने हलक में उतारने की चेष्टा करते हुए मेरी बीवी ने मुस्कुरा कर उत्तर दिया.

इस बात ने मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित कर दिया. इस समय तक स्वान बार्बी डॉल के नीचे से निकल कर अपने घुटने गद्दे पर टिकाए उसके पीछे पोजीशन बना चुका था. अपने मित्र की बीवी को उसके कूल्हों से पकड़ कर अपना मोटा लंड उसकी गुलाबी चूत में घुसेड़ दिया और कुतिया बना कर चोदने लगा.

मेरी प्यारी कुतिया के मुंह से मीठी कराहटें निकलने लगी और उधर एंड्रयू ने उसका सिर पकड़ लिया और अपने लम्बे लंड को उसके हलक में पेलते हुए चोदने लगा.

नताशा के मीठे थूक से खूब सन चुके अपने भयानक लंड को उसने कुछ देर बाद बाहर निकाला, तो वो चमक मार रहा था.

‘मेरा भी चूसो, जैसे एंड्रयू का चूसा है!’ अपना मोटा लंड मेरी बीवी की चूत से बाहर निकालते हुए स्वान ने नताशा से विनती की.

नताशा मेरे और स्वान के बीच अपनी दाईं करवट लेट गई और बायाँ पैर थोड़ा सा फैला दिया जिससे कि मुझे उसकी चूत में धक्के लगाने में आसानी हो. मैंने उसका बायाँ घुटना आलिंगनबद्ध कर लिया और जाने पहचाने छेद को चोदना शुरू कर दिया.

नताशा अभी स्वान का लंड चूसने में लगी ही हुई थी, जब एंड्रयू ने भी हमारे ग्रुप में एंट्री की. वो अपना लंड नताशा के मुंह के सामने ताने अपने घुटनों के बल बैठ गया और नताशा ने बिना देर किए, स्वान के लंड के साथ-2 उसके लंड को भी अपने मुंह का निवाला बना लिया और इकट्ठे दो-2 हॉट डॉग्स का मजा लेने लगी.

अपनी बीवी को दो-2 मोटे लंड को इकट्ठे चूसता देख मैं तो पागलपन की हद तक उत्तेजित हो उठा था! मैंने न सिर्फ अपने धक्कों कि गति बढ़ा दी थी, इसके साथ-2 मैं नताशा के क्लिट पर भी समय-2 पर अपने उत्तेजित लंड के टोपे से चपत लगाने लगा था.

मेरी पतिव्रता नारी पूरी मस्ती में अमेरिकन कॉक के साथ व्यस्त थी जब मेरा ध्यान उसकी छोटी सी गांड की तरफ गया.
‘वाओ!… शानदार चूत है मेरी जान की… और न सिर्फ चूत… बल्कि गांड भी!! अगर तुम कहो तो मैं तुम्हारी गांड को थोड़ा रवां कर दूँ हमारे दोस्तों के मोटे लंडों के लिए!!!’ मैंने अपनी बीवी की राय जानने को पूछा.
‘हाँ जान… बिल्कुल ऐसा ही चाहती हूँ मैं… तुम अपनी छड़ी से मेरे एस्स को थोड़ा सा कुरेद दो जिससे बाद में जब एंड्रयू और स्वान उसे चोदेंगे तो मुझे दर्द न हो!!! आ-आ-आ-आ… जल्दी से डाल दो अपना मेरी चुदक्कड़ गांड में!’ पल भर के लिए दोनों लंडों को चूसना बंद करके मेरी तरफ देखते हुए मेरी पतिव्रता बीवी ने आर्तनाद किया.

मैंने अपने मुंह से थोड़ा सा थूक निकाल कर नताशा की गांड के छेद से मला और अपने लंड के सुपारे को बीवी की गांड से लगा कर आसानी से पूरा लंड अन्दर घुसेड़ दिया. लड़की थोड़ा सा कुनमुनाई और उसने स्वान का लंड चूसना जारी रखा.
कुछ धक्के मारने के बाद मैंने लंड बाहर निकाल कर लड़की की गांड को चेक करने की गर्ज से हाथों से छेद को थोड़ा फैलाया, तो मुझे लगा कि अभी भी छेद काफी तंग था और दोस्तों के मूसल लंडों के लिए उसे अभी और फैलाना चाहिए.

लेकिन उधर एंड्रयू से सब्र नहीं हुआ, जब मैं वाइफ की गांड के छेद को देख रहा था, तो उसने अपना हैवी लंड रूसी लड़की की गुलाबी, बालरहित चूत में घुसेड़ दिया. गोरी गिलहरी थोड़ा सा कुनमुनाई और उसने प्रसन्न आँखों से अपने चोदू तरफ देखा, तो उसने भी मुस्कुरा कर जवाब दिया.

अब मैं अपनी सुन्दर बीवी की कमर के पीछे कुछ असामान्य पोज में लेटा हुआ मेरी बीवी की गांड मारने में लगा हुआ था, जबकि उसकी योनि में एंड्रयू का विकराल लंड फचर-2 की आवाज के साथ अन्दर बाहर हो रहा था.
तीसरा छेद यानि मुंह स्वान के मोटे लंड से ठसाठस भरा हुआ था.

क्या शानदार नजारा था! मेरा सपना पूरा हो गया था… मेरी सुन्दर गोरी बीवी आह-ओह… सी-सी… करती हुई अपने तीनों छेदों में तीन लंड लिए हुए अपना बाजा बजवा रही थी.

एंड्रयू और स्वान भयंकर गति के साथ अपने लंडों को चूत और मुंह में पेलने के बाद थक कर रुक गए लेकिन मैं धीरे-2 अपनी जानेमन की गांड में अपना लंड पेलता रहा.

यह ग्रुप सेक्स स्टोरी जारी रहेगी.
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