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रंगीली बहनों की चूत चुदाई का मज़ा -4

Rangili Bahanon Ki Chut Chudai Ka Maza-4

अब तक आपने मेरी पिछली कहानी मे   रंगीली बहनों की चूत चुदाई का मज़ा -3  पढ़ा..
मैंने देखा कि सोनाली और दीदी दोनों बिस्तर पर बैठे हुए थे। सोनाली ने सफेद और गुलाबी मिक्स बिकिनी पहनी थी और दीदी ने काली लाल मिक्स बिकिनी पहनी थी। उसने यूँ देख कर तो मैं उत्तेजित हो गया था.. लेकिन फिर मैंने सोचा कि देखता हूँ कि ये दोनों क्या करती हैं। उसके बाद अन्दर जाऊँगा।
मैंने देखा कि दीदी गाण्ड हिला रही थीं और सोनाली भी अपने बदन को सहला रही थी कि तभी सोनाली और दीदी दोनों एक-दूसरे के पास आए और लिप किस करने लगीं। कुछ देर लिप किस करने के बाद दीदी सोनाली की ब्रा के ऊपर किस करने लगी।
अब आगे..

फिर कुछ देर के बाद दीदी ने सोनाली की ब्रा नीचे कर दी और उसके निप्पल को चूसने लगी और हाथ से उसके चूतड़ों को सहलाने लगी।
सोनाली भी दीदी की चूतड़ों को सहलाने लगी.. कुछ देर बाद दीदी की ब्रा नीचे करके वो उसकी चूचियों को चूमने लगी और दबाने भी लगी।
दोनों एक-दूसरे की चूचियों को मसल ही रही थी.. तभी मैं सिर्फ़ अंडरवियर और टी-शर्ट में अन्दर पहुँच गया।

मुझे देखते ही दोनों मुस्कुरा दीं और दोनों एक साथ मेरी तरफ बढ़ने लगीं। दोनों का गोरा बदन.. ऊपर से बड़ी-बड़ी चूचियाँ हिल रही थीं.. जो बहुत ही अच्छा लग रहा था।
जैसे ही मैंने उनकी चूचियों को दबाना चाहा कि दोनों बिस्तर पर चूत आगे करके लेट गईं और दोनों ने खुद ही अपनी-अपनी पैन्टी निकाल दी।

पैन्टी निकालने के लिए पैर उठाया.. तो उनकी चूत सामने दिखने लगी और बिना बाल का पूरा साफ़-सुथरी गुलाबी चूतें मेरे नज़रों के सामने थीं।
तभी मैं दीदी की चूत की तरफ़ बढ़ने लगा और उसकी चूत को चाटने लगा तो सोनाली भी दीदी की जाँघों को सहलाने लगी और दीदी की चूचियों को चूसने लगी।

मैं इधर चूत को चूसता रहा और सोनाली दीदी की चूचियों को दबाने लगी.. उसके लबों को चूमने लगी।
तभी सोनाली ने दीदी की ब्रा खोल कर पूरी हटा दी।

अब मैं भी दीदी की चूत को छोड़ कर सोनाली की चूत पर पहुँच गया और तब तक दीदी ने भी सोनाली की ब्रा को पूरे तौर से बदन से हटा दी और उसके निप्पलों पर अपना जीभ घुमाने लगी, अपने हाथों से दूसरी चूची को दबाने लगी।
कुछ देर यूँ ही चलता रहा.. मैं चूत चूसता और ऊपर वो दोनों मजे लेते रहे।

तभी मैंने दीदी की चूत में एक उंगली को घुसा दिया.. तो मुझे पता भी नहीं चला.. बड़ी आसानी से अन्दर चली गई.. तो मैंने दूसरी उंगली को भी घुसाया और उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा।
मेरी देखा-देखी सोनाली भी दीदी की चूत को ऊपर से सहलाने लगी, मैं तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा और दीदी चीखने लगीं।

तभी सोनाली ने मेरी उंगली चूत से निकलवा दी और उंगली को मुँह में ले लिया। कुछ देर चूसने के बाद वो भी लेट गई और मैं उसकी चूत में भी उंगली करने लगा, अब दीदी उसकी चूत के ऊपर दबाने लगी और सहलाने लगीं।

कुछ देर बाद जब मैंने सोनाली की बुर में से उंगली को निकाला.. तो झट से दीदी मेरी उंगली को अपने मुँह में ले कर चूसने लगीं।
फिर उन्होंने सोनाली की चूत को भी एक बार चाट लिया।

कुछ देर चूत चाटने के बाद मैंने भी अपनी टी-शर्ट को उतार दिया.. तो दोनों एक साथ मेरी तरफ़ बढ़ीं और मुझे चूमने-चाटने लगीं।
कुछ देर यूँ ही मस्ती करने के बाद मैं उन दोनों के बीच में लेट गया और दोनों मेरे बदन पर चुम्बन करने लगीं। चुम्बन करते-करते दोनों मेरे ही एक-एक निप्पल पर अपनी जीभ फेरते हुए उसे चुभलाने लगीं और उसको चाटने लगीं।

कुछ देर बाद दोनों साथ ही मेरे लौड़े को अंडरवियर के ऊपर से ही चूमने लगे और कुछ देर ऐसा करने के बाद दोनों ने आपस में कुछ इशारा किया और एक साथ में ही मेरा अंडरवियर नीचे कर दिया.. तो मैंने हँसते हुए अपने पैर उठा दिए.. जिससे अंडरवियर को पूरा बाहर कर दिया गया।

अब हम तीनों पूरी तरह से नंगे हो चुके थे। वे दोनों साथ में मेरे लंड को चाटने लगीं।
तभी सोनाली ने लंड को मुँह में ले लिया और दीदी नीचे गोटियाँ चाटने लगीं।
मैं लौड़ा चुसवाता हुआ उन दोनों के चूतड़ों को सहला रहा था और दोनों मिल कर मेरे लंड के साथ खेल रही थीं।

कुछ देर दीदी चूसतीं.. तो कुछ देर सोनाली..
कुछ देर बाद मैंने दीदी को अपने पास खींच लिया और उसके साथ चूमा चाटी करने लगा।
उधर सोनाली अब भी मेरा लंड चूस रही थी। कुछ देर ऐसा चलता रहा..

फिर हम तीनों खड़े हुए।
सोनाली ने दीदी को बेड के एक किनारे पर इस तरह बैठा दिया कि दीदी की चूत एकदम सामने को हो गई.. तो मैं अपने खड़े लंड को दीदी की चूत पर घुमाने लगा और एक झटका मारा.. लंड अन्दर घुसता चला गया.. और उसके मुँह से ज़ोर से चीख निकल पड़ी- आआ.. आआहह.. उ..ह..!
तो सोनाली दीदी की चूत के पास हाथ फेरने लगी और मैं झटके मारने लगा।
जब दीदी थोड़ा संयत हो गई.. तो मैं ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा।

फिर मैंने लंड बाहर निकाल लिया.. तो सोनाली मेरा लंड चूसने लगी, दीदी की चूत का सारा रस चाट गई। कुछ देर लौड़ा चूस कर उसने दीदी की चूत पर लगा दिया।

फिर मेरे बमपिलाट झटके शुरु हो गए और दीदी के मुँह से फिर से ‘आआ.. आआअहह.. उऊहह..’ निकलने लगा।
तो सोनाली ने दीदी के मुँह के पास अपनी चूत कर दी और दीदी में मुँह को दोनों टाँगों के बीच फंसा लिया।

मैं लगातार झटके मार रहा था और सामने से सोनाली की चूचियों को चूस रहा था। कुछ देर बाद फिर दीदी को उल्टा किया और झूले पर पेट के बल टांग दिया.. और पीछे से उसकी गाण्ड मारने लगा… कुछ देर झटके मारने के बाद फिर से दोनों लंड चूसने लगीं।

कुछ देर बाद मैं लेट गया और मेरे लंड के पास दोनों एक-दूसरे के गाण्ड से गाण्ड सटा कर बैठ गई.. और बारी-बारी से चुदने लगी।
पहले दीदी चुदीं.. फिर दीदी हटीं.. तो सोनाली चुदने लगीं.. तब तक मैं दीदी के चूतड़ों को मसलने लगा।

फिर जब दीदी चुदने लगीं.. तो सोनाली भी दीदी की गाण्ड में अपनी गाण्ड टकराने लगी.. जब दोनों के चूतड़ों टकराते थे.. तो मुझे बहुत अच्छा लगता था।
कुछ देर बाद जब हम तीनों को लगा कि हम झड़ने वाले हैं.. तो दोनों लंड के पास पहुँच गईं और लौड़े को चूसने लगीं।

जैसे ही मैं रस छोड़ा.. तो दोनों चुदासी चूतें.. मेरा सारा रस पी गईं.. और चूत का रस भी दोनों एक-दूसरे का पी गई और हम तीनों वहीं निढाल हो कर सो गए।
कुछ देर बाद सभी फ्रेश हुए और दोनों ने मिल कर नाश्ता बनाया और हम सब नाश्ता करने लगे।

सोनाली और सुरभि एक साथ बोलीं- तुमको कैसे पता चला था कि हम सेक्स कर रहे हैं?
मैं- बस पता चल गया किसी तरह..
सोनाली और सुरभि- बताओ ना प्लीज़..
मैं- ओके.. इधर आओ.. चलो मेरे कमरे में..
सोनाली और सुरभि- लो आ गए.. अब बोलो?

मैं टीवी की तरफ़ इशारा करते हुई बोला- उधर देखो..
सोनाली और सुरभि- क्या है.. यह तो टीवी है।
मैं- हाँ लेकिन उसमें क्या चल रहा है.. वो तो देखो।
सोनाली और सुरभि- ऊऊओह.. मतलब उस कमरे में कैमरा लगा हुआ है और उसका कनेक्शन इस कमरे में है..
मैं- हाँ..

सोनाली और सुरभि- तो हम लोगों ने जो कुछ किया.. वो सब इसमें रेकॉर्ड हो गया होगा?
मैं- हाँ सब कुछ..
सोनाली और सुरभि- जरा दिखाओ तो..
मैं- ओके.. ये लो..

मैंने वीडियो प्ले कर दिया।
सोनाली और सुरभि- यह तो लग रहा है कोई लाइव इंडियन पॉर्न चल रहा है।
मैं- और तुम दोनों पॉर्न स्टार की तरह..
सोनाली और सुरभि- हाँ लग तो रहा है।

मैंने आँख मारते हुए कहा- तो क्या अपलोड कर दूँ नेट पर? फेमस हो जाओगी..

दोस्तो.. उम्मीद है कहानी में रस आ रहा होगा.. मेरी इस कहानी के बारे में मुझे अपने विचार जरूर लिखियेगा.. मुझे आप सभी के ईमेल का इन्तजार रहेगा।

कहानी जारी है।
shusantchandan@gmail.com

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