Home / चाची की चुदाई / मामी की चूत चुदाई का आनन्द

मामी की चूत चुदाई का आनन्द

Mami Ki Choot Chudai Ka Anand

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम राहुल हैं, मैं आपकी तरह ही अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ तथा मैं भी अपनी मामी की चुदाई की सेक्स कहानी आपको बताने जा रहा हूँ जो कि एक सच्ची घटना है।

तो दोस्तो, मैं अपने बारे में बता दूँ, मैं पूना में रहता हूँ, पढ़ाई पूरी हो गई है और में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब करता हूँ। मेरी हाइट 5’6″ है और रंग गोरा, दिखने में हैंडसम हूँ।

मैं अपनी कहानी की तरफ आता हूँ जो कि आज से 3 साल पहले मेरे और मेरी मामी के साथ घटी थी। मैं उस वक़्त सिर्फ 24 साल का था। कंपनी ने मेरा ट्रांसफर मेरे मामा के शहर में कर दिया। मैंने मामा जी से कहा कि मेरा आपके गाँव में ट्रांसफर हो गया है तो वो बहुत खुश हुए और मुझे अपने घर में ही रहने के लिए कहा।

मैं अगले दिन ही वहां रहने के लिए पहुंचा, मुझे देख कर मामा मामी दोनों बहुत ही खुश हो गए।

मेरा सामान मामी जी ने मेरे कमरे में लगा दिया और कहा- कुछ भी किसी भी चीज की जरूरत पड़े तो बेझिझक मांग लेना।
मेरी और मेरी मामी जी की पहले से ही अच्छी जमती थी, हम दोनों अच्छे दोस्त की तरह बातें करते थे।

मैं अपनी मामी के बारे में बताता हूँ, वे 36 साल की हैं, रंग सांवला पर दिखने में खूबसूरत हैं, उनको देख कर लगता नहीं कि वो 36 साल की होंगी। मेरी मामी एक अच्छी और सुशील औरत हैं. उन का फिगर हैं 38 28 38
जब वो चलती थी तो उन की गांड देख कर हर किसी का लंड सलामी देता होगा।
मामी जी का एक बेटा है।

अगर मामी जी के शादीशुदा जीवन के बारे में बात करें तो शुरू के महीनों में मामा मामी ने अपनी मैरिड लाइफ़ को अच्छा एन्जोय किया। हालांकि मामा मामी से काफी बड़े थे लेकिन मामा के अच्छी जॉब की कारण मामी की शादी कर दी गयी।

बढ़ती उम्र की वजह से अब वे सेक्स करने में ज्यादा रुचि नहीं रखते और अब वो अपना ध्यान ज्यादातर अपने बिजनेस में लगाते हैं, इस कारण अब मामी का सेक्स जीवन काफी हद तक निराश हो चुका था, मामा से कहतीं तो वे उन्हें अपनी उम्र का हवाला देकर चुप करा दिया करते थे।

इस वजह से मामी एकदम उदास रहने लगीं। मैं मामी से बहुत बातें करता था और उनको खुश करने की कोशिश करता था, वो थोड़ी देर के लिए खुश हो जाती।
थोड़े दिन ऐसे ही बीत गये।
मामा जी अपने बिजनेस के सिलसिले में 5 दिन के लिए विदेश गए।

एक दिन मामी की सहेली उनसे मिलने आई, मामी जी एकदम खुश हो गई; दोनों साथ में बहुत देर तक बातें करते रही.
अचानक उनकी सहेली की नज़र मुझ पर पड़ी, उसने मामी जी से कहा- वाह, राहुल तो एकदम हैंडसम दिखने लगा है!
मामी जी ने मुस्कुरा कर कहा- हाँ!

बातें करते करते उनकी सहेली ने सेक्स लाइफ के बारे में मामी से पूछा, तो मामी ने अपनी दुख भरी कहानी सुनाई।
उस पर उनकी सहेली ने कहा- अरे यार, तो तुम उदास क्यों होती हो, कोई दूसरा देख लो ना?
उस पर मामी जी ने साफ साफ कहा- मैं अपने पति को धोखा नहीं दे सकती…
थोड़ी देर वहां शांति हो गई।

इस बात पर मामी की सहेली बोली- अरे यार, मैं दूसरा मतलब कोई पराया नहीं, तुम्हारे अपने भांजे की बात कर रही हूं।
मामी बोली- क्या? पर वो तो मेरा भांजा है?
उनकी सहेली बोली- तो क्या हुआ, देख कितना हैंडसम हैं, इसे पटा ले, घर की बात घर में रह जायेगी और तुम्हारी मौज मस्ती हो जाएगी।

मैं उनकी बात सुन कर बहुत ही खुश हुआ क्योंकि मैंने खुद कई बार सपनों में अपनी मामी को चोदा था और अपना बिस्तर गीला कर चुका था।

उस दिन से मैं मामी की चुत चुदाई करने का प्लान करने लगा।
और मैंने नोटिस भी किया कि मामी कि नजर अब मेरे प्रति बदल गई है क्योंकि वो जानबूझ कर मेरे सामने कभी अपना पल्लू गिरा कर या मेरे सामने जानबूझ कर झुक कर अपने बड़े बड़े स्तन का दर्शन करा देती।

मैंने भी उसे अपना विशाल लंड दिखाने का सोचा।

एक दिन में रात को काम से घर पर आया और मामी जी से कहा- मामी, मैं नहाने जा रहा हूँ।

मैं नहा कर निकल रहा था तो देखा कि मामी मेरे कमरे में सफाई कर रही थी। मैं सिर्फ टॉवेल लगा कर रूम में दाखिल हुआ।
मुझे देख कर मामी ने कहा- अरे… नहा कर आ गए? तुम्हारे कपड़े लो!

मैं उनकी तरफ मुड़ा और जानबूझ कर पहना हुआ ढीला टॉवेल गिर गया और उसी वक्त मेरा लंबा और मोटा लंड फनफ़नाता हुआ मामी जी के सामने आया।
मामी मेरा लंड देखती ही रह गई, उन का मुंह खुला ही खुला रह गया!

मैंने यही मौका देख कर चौका लगाया- सॉरी मामी जी, वो गलती से गिर गया।
मामी- कोई बात नहीं हो जाता है कभी कभी।

मैं- मामी जी बुरा ना मानें तो आप से एक बात कहें?
मामी- हाँ बोलो?
मैं- आप मेरा औजार देख के इतना चौंक क्यों गई थी? मामा का भी तो है।
मामी- क्योंकि तुम्हारा औजार ही इतना बड़ा है, मैंने आज तक इतना बड़ा नहीं देखा है! तुम्हारे मामा के औजार से कहीं बड़ा है, वो बहुत ज्यादा किस्मत वाली होंगी जो तुम्हारे इस औजार से चुदाई करेगी!
मैं- बुरा ना मानो पर वो नसीब वाली आप भी हो सकते हो, मैं आपको चाहता हूँ मामी।
मामी- पर मैं तुम्हारी मामी हूँ राहुल!
मैं- तो क्या हुआ, मैं मेरे मामा का कर्तव्य पूरा करूँगा, मुझे पता हैं आप कितने महीनों से प्यासी हैं। मेरा है बड़ा लंड अपनी मामी की प्यास ना बुझाये तो किस काम का मामी जी, आपकी ही प्यास मैं अपने इस मोटे लंड से पूरा कर के अपने मामा मामी को सुख दूँगा।

इसके बाद मैंने मामी के होंठों पर अपने होंठ रख दिये और मामी के होठों को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा. मामी जी भी मेरा साथ देने लग गई थीं। धीरे धीरे मेरा हाथ मामी जी के स्तनों पर जा पहुंचा, मैं ब्लाहुज के उपर से ही स्तनों को सहलाने लगा.
वो सिसकारी भरने लगी- अहाआआ अस्सस्स शह्हह्हस…
थोड़ी देर बाद मैंने मामी को उठा कर बेड पर लिटा दिया और उनके ऊपर आ गया।

मैंने मामी जी के होंठ चुसाई चालू किया फिर उनके गर्दन पर चूमना चालू किया, मामी जी गरम हो गई थी वो मेरा पूरा साथ दे रहीं थीं.

धीरे धीरे मैं उनके स्तनों के सामने आ गया, वो बहुत ही बड़े और कामुक थे। मैं उनको ब्लाउज़ के ऊपर से ही चूस रहा था और धीरे से एक हाथ से दबा रहा था। मामी भी मेरी पीठ को अपने हाथों से सहला रही थी।

अब मुझसे रहा नहीं गया, मैंने मामीजी की साड़ी उतार कर फेंक दी। इसके बाद मैंने मामी जी के ब्लाऊज़ के बटन भी खोल दिए और ब्लाऊज़ को निकाल कर फेंक दिया। उसके अंदर मामी ने लाल रंग की ब्रा पहनी हुई थी, मैंने उसको भी उतार दिया।
अब मामी के स्तन पूरी तरह से आजाद थे. यह देख कर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उन्हें अपने मुंह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगा।
मामी एकदम से जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी।

थोड़ी देर बाद मैं स्तनों को चूसते चूसते नीचे उनकी पेट पर किस करने लगा और एक हाथ से उनके पेटिकोट का नाड़ा खोल दिया तो उनकी लाल रंग की पैंटी दिखने लगी।
मैं तुरंत उनकी पैंटी उतार कर उनकी काली चूत को देखने लगा.
वाह… क्या चूत थी मामी की… एक मख़मली और बहुत ही बड़ी शायद कामसूत्र में कही हुई ‘हथिनी योनि’ जैसी!

मुझसे रहा नहीं गया और मैं मामी की चूत के होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा. फिर मामी जी की योनि में अपनी जीभ को डाल दिया और जोर से अंदर बाहर करने लगा और इस बीच कभी कभी कभी मैं उनकी चूत के दाने को जोर से काट लेता तो वो जोर से सिसकारियां भरने लगती।

मामी की कामुकता पूरी तरह से जाग गई थी, उन्हें बहुत मजा आ रहा था चूत चटवाने में! फिर वो जोर जोर से अपनी चूत मेरे मुँह पर मारने लगी और झट से सारा पानी छोड़ दिया।
मैंने उनकी चूत को चाट कर साफ़ किया।

इसी बीच मामी ने कहा- प्लीज़ राहुल, अब ज्यादा मत तड़पाओ, प्लीज़ अब करो!
“मामी जी, प्लीज़ क्या आप मेरे लंड को थोड़ा चुसाई करके सख्त करेंगी?”
तो वो उठी औऱ मुझे लेटा दिया और मेरे लंड को पकड़ कर कहा- यह तो अभी इतना बड़ा है तो चूसने के बाद कितना खूंखार दिखेगा।
फिर वह उसे धीरे धीरे चूसने लगी।

थोड़ी देर में जोर जोर से चूसने से मेरा लंड और भी सख्त हो गया।

इसके बाद मैंने उनको बेड पर लेटा दिया और मामी जी के पैर पसार कर उनकी बीचों बीच आ गया, फिर उनकी चूत की मुख पर अपना लंड सेट किया और एक जोर का धक्का दिया और इसी के साथ मेरा आधा लंड घुस गया।
मामी जी की जोर से चीख निकल गई- हआआआ… हा… उम्म्ह… अहह… हय… याह…
मामी ने कहा- प्लीज़ जरा धीरे धीरे करना, आपका बहुत बड़ा है!

मैंने अपना काम जारी रखा और फिर एक और धक्का मारा और मेरा पूरा लण्ड मामी की चूत में घुस गया.
मामी जी जोर से चिल्लाई- अअअ अआआआ आआ… मरी… मेरे… रा…जाआआआ…
मैं थोड़ा रुक गया पर मामी बोली- चालू रखो!

फिर मैंने धक्के लगाना चालू किया और कुछ धक्के मारने के बाद उनको भी मजा आने लगा और वो भी अपनी गांड उठा उठा कर मज़ा ले रही थी और जोर जोर से सिसकारियां भर रही थी- ऊफ्फ ऊऊ श्श्श्श श्श्श्ह्स म्म्म्म्म् म्म्म्म्म चोदो और चोदो मुझे राहुल, मेरी चूत की प्यास बुझा दो… फाड़ डालो मेरी चूत!
यह कहते कहते वो झड़ गई.

उसके बाद 5 मिनट तक मैं मामी की चुदाई करता रहा और थोड़ी देर में भी उनकी चूत में झड़ गया।

इसके बाद हम दोनों वैसे ही पड़े रहे, फिर थोड़ी देर बाद फिर से चुदाई चालू कर दी।

उस रात को हमने 2 बार चुदाई की।

Check Also

माँ ने चाची की चूत दिलवाई

Maa Ne Chachi Ki Choot dilwayi दोस्तो, मेरा नाम सैम है, मैं 26 साल का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *