Home / ग्रुप सेक्स स्टोरी / लिफ्ट-ड्रॉप यानि उठा-पटक वाली चुदाई-7

लिफ्ट-ड्रॉप यानि उठा-पटक वाली चुदाई-7

Lift Drop Yani Utha-Patak Wali Chudai- Part 7

मेरी कामुक कहानी के पिछले भाग

लिफ्ट-ड्रॉप यानि उठा-पटक वाली चुदाई-6

में आपने पढ़ा:

आआह… क्या नज़ारा था! दुनिया की सबसे सुन्दर लड़की, मेरी वाइफ एक साथ दो-दो मोटे-मोटे टोपों को अपनी नर्म, गुलाबी जीभ से चाट रही थी… ये शानदार था! ये गज़ब था!! क्या नज़ारा था…
मेरी नताशा की सुगन्धित गुलाबी जीभ पूरी लम्बाई में बाहर निकल आर्थर और एरिक के फनफनाते टोपों को एकसाथ चाट रही थी!! स्वयं नताशा इतनी उत्तेजित थी, कि वो अपना एक हाथ से अपनी चूत सहलाने लगी थी, दूसरे हाथ से दोनों विदेशी मेहमानों के लंडों को आपस में जोड़ कर थामे हुए थे!!

मेरी कर्तव्यनिष्ठ पत्नी जी-जान से दोनों टोपों को इकठ्ठा अपने मुंह में लेने का प्रयत्न कर रही थी, और समय-2 पर इसमें कामयाब भी हो जाती थी, परन्तु लंड इतने मोटे थे कि टोपों से आगे रशीयन बार्बी डॉल के मुंह में नहीं घुस पा रहे थे. ऐसा होने पर मेरी परिश्रमी पत्नी उन्हें मुंह से बाहर निकल कर अपनी चिकनी-गुलाबी जीभ से चाटने लग जाती थी, दोनों, किसी काऊबॉय के हैट समान मोटे टोपों पर एक साथ अपनी जीभ फेरते हुए!!

ये मेरे जीवन का सबसे अनमोल पल था… इस पल के लिए मैं अपना सब कुछ लुटाने को तैयार था, और मेरे लंड में खून तेजी से दौड़ रहा था, मैं बस झड़ने से ही बचा हुआ था!

अब आगे:
“कोशिश कर के देखो… शायद तुम दोनों टोपों के ऊपर बैठ सको!” मैंने शंका के साथ नताशा से कहा.
नताशा खड़ी हो गई और दोनों लड़कों के पैरों के बीच के स्थान में आकर झुक गई, दाहिने हाथ से दोनों आपस में जुड़े हुए, आसमान में सीना ताने खड़े लंडों को पकड़ कर अपनी चूत के मुंह से लगा दिया. फिर हमारी कॉमन वाइफ अपने बाएँ हाथ से “कंस्ट्रक्शन” को थामे धीमे-2 अपनी चूत के अन्दर घुसाने की कोशिश करने लगी, लेकिन दोनों टोपे अत्यधिक मोटे होने के कारण छेद पर निशाना नहीं साध पा रहे थे.

इसलिए मैंने मदद करने का फैसला किया और वासना में लिप्त तिगड़ी के नजदीक आ गया. मुझे पास आया देख नताशा मुस्कुरा दी और बोली- मेरा पति हर मुश्किल को आसान कर देगा!
मैं जवाब में सिर्फ मुस्कुरा दिया और नीचे झुक कर दोनों लड़कों के लंड पकड़ कर दूसरे हाथ से उनके टोपों को आपस में भींचते हुए जोड़ दिया.

“चलो नताशा, दबाव दो!” मैंने आत्मविश्वास भरे स्वर में नारा सा लगाया. नताशा ने अपने कूल्हों को नीचे की तरफ बिठाना शुरू कर दिया और जुड़वा टोपों तक ले आई!
“हाँ, थोड़ा और…” मैं बोला.
नताशा ने और हल्का सा दबाव दिया तो उसकी चूत मेरे हाथ से आ टकराई. मैंने अपनी हथेली को टोपों से थोड़ा नीचे को खिसका लिया और टोपे नीचे को उतरती हुई चूत में फंस गए!

नताशा थोड़ी सी कुनमुनाई, लेकिन उसने टोपों को बाहर नहीं निकलने दिया.
“बस जरा सा और नीचे, डार्लिंग!” मैंने रिक्वेस्ट की.
नताशा नीचे को बैठ गई, और दोनों लड़कों के टोपे उसकी चूत में विलुप्त हो गए!!

“सुपर!” मैं नताशा का आत्मविश्वास बढ़ाते हुए बोला- अब बस सावधानी से ऐसे ही धीरे-2 ऊपर नीचे करो. थोड़ी देर में तुम्हारी चूत दोनों हैम्स की अभ्यस्त हो जाएगी और आराम से उन्हें अडॉप्ट कर लेगी!
“तुम ठीक कह रहे हो जानू… लेकिन मैं उठक-बैठक करने की हालत में नहीं हूँ! मैं कोई पहलवान तो हूँ नहीं… मैं तो तुम्हारी नाजुक बदन पत्नी हूँ!!
“ठीक है… रुको!” मैं बोला और मैंने नताशा के पीछे से उसके कन्धों को पकड़ लिया. फिर मैंने धीरे से उचका कर उसके कन्धों को हल्का सा नीचे को दबा दिया. नताशा के मुंह से हलकी सी कराह निकली, क्योंकि “कंस्ट्रक्शन” थोड़ा और अन्दर घुस चुका था!

“आआआह… घुस गए दोनों! आआआआ…” नताशा चिल्लाई.

मैंने फिर से उसके कन्धों को थोड़ा सा उचका कर नीचे को दबाया, तो वो और जोर से चीख उठी- आआआआ… मर गई!
मैंने उसके कन्धों को थोड़ा सा वापस उचका दिया, वो शांत हो गई. मैंने दोबारा थोड़ा दबाव दिया तो मेरी शहजादी फिर से कुनमुनाने लगी लेकिन वैसे नहीं चिल्लाई, जैसे इससे पहली बार चिल्लाई थी!

तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया और आया, और मैं नताशा से बोला- डार्लिंग, जरा रुकी रहना पांच सेकंड के लिए… मैं अपनी अंडरवियर उतार दूं!
फिर मैंने अपनी अंडरवियर उतार कर एक तरफ फेंक दी और नताशा के चेहरे के सामने आ खड़ा हुआ. मैंने उसके कन्धों को दोबारा आलिंगनबद्ध कर लिया.

मेरा फुंकार मारता लंड अब बिल्कुल मेरी पत्नी की आँखों के सामने था. उसने झट उसे अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और मैंने उसके कंधे पकड़ कर थोड़े से दबा दिए. वो फिर थोड़ा सा कुनमुनाई लेकिन मुंह में मेरा लंड होने की वजह से चीख नहीं सकी. फिर मैंने उसके कन्धों को थोड़ा और उचकाया, और इस बार थोड़ा और नीचे तक दबा दिया.

नताशा इस बार जोर से छटपटाई लेकिन मैंने अपने लंड से उसके मुंह को तेजी के साथ चोदना शुरू कर दिया और दोबारा उसके कन्धों को थोड़ा सा उचका कर नीचे दबा दिया. नताशा के हलक से चीख निकल गई, लेकिन मैंने उसके मुंह को चोदना नहीं छोड़ा और हाथों से उसके कन्धों को उचका कर नीचे दबाना और तेज कर दिया.

कुछ देर बाद नताशा आँखों ही आँखों में मुझसे कुछ कहने की कोशिश करने लगी, तब मैंने ध्यान दिया कि वो तो बोलने की हालत में ही नहीं थी.
मैंने तुरंत उसके मुंह से अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसके कंधे भी छोड़ दिए.

अब मैंने जब उसकी चूत की तरफ देखा तो भौंचक्का रह गया… आर्थर और एरिक के लंड जड़ तक मेरी पत्नी की चूत में धंसे हुए थे, और वो फिर भी हौले-2 अपने चूतड़ हिला रही थी. मैंने हैरानी से अपनी पत्नी की आँखों में झाँका, तो वो एक आंख भींच कर मुस्कुरा दी!
“वाह! शानदार… गज़ब!” मेरे मुंह से निकला. नताशा ने दोबारा मुझे अपनी ओर खींच लिया और मेरे टोपे को अपनी शानदार जीभ से चाटने लगी.

आर्थर और एरिक के लंडों का “कंस्ट्रक्शन” मेरी नताशा की चूत में बहुत धीरे-2 हिल रहा था, क्योंकि दोनों लंड पूरे के पूरे उसकी चूत के अन्दर घुसे हुए थे! ऐसा मैंने न पहले कभी देखा था, और न सुना! मेरी कर्तव्यनिष्ठ पत्नी ने वो कर दिखाया था, जिसे संभवतः अभी तक किसी पोर्न एक्ट्रेस ने भी नहीं किया होगा!

अब वो धीरे-2 अपने चूतड़ों को हिलाने की रफ़्तार बढ़ाती जा रही थी, साथ ही साथ मेरे लंड को चूसने की भी!

“प्लीज, और थोड़ा थोड़ा नजदीक हो जाइए एक दूसरे के… जिससे कि आपके अण्डों के बीच कोई गैप नहीं रहे…” मेरी होशियार पत्नी को भी अब टेक्निकल ज्ञान होता जा रहा था- वर्ना आपके फैले हुए लंडों पर नीचे बैठते समय मेरी कतई फट सी जाती है!

आर्थर और एरिक फ़ौरन एक दूसरे की तरफ भिंच गए और अपने हाथ गद्दों पर टिकाए नताशा की चूत में घुसते अपने लंडों का नजारा करने लगे!

इस बार मैंने अपनी धर्मपत्नी की सहायता और नजदीक से करने का फैसला किया और दोनों प्रेमियों के खुले हुए पैरों के लम्बवत उनके बीच अपना सिर रख कर लेट गया. अब मेरा सिर एरिक के पैरों के ऊपर रखा हुआ था, और ठीक मेरी आँखों के सामने स्थित नताशा की गांड के पीछे दोनों लड़कों के सामानांतर रूप से जुड़े हुए लंड मेरी भार्या की चूत में घुसे हुए थे.

मैंने अपने दोनों हाथों को अपनी राजकुमारी के नितम्बों के नीचे रख कर थोड़ा-थोड़ा ऊपर की ओर उभारना शुरू कर दिया. अपने चूतड़ों के नीचे लगे जैक को पाकर वो बहुत खुश हुई, क्योंकि अब उसे ऊपर उठने के लिए अपनी शक्ति खर्च नहीं करनी पड़ रही थी, मैं अपने हाथों से उसे ऊपर उठा रहा था, जबकि नीचे तो वो स्वयं के भार से, गुरुत्वाकर्षण के अधीन हो गिर रही थी!

“वाओ! सुपर…” वो ख़ुशी के साथ चहकते हुए कहने लगी- पति हो तो ऐसा!! पत्नि को हर मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकालने वाला!
और मेरी तरफ पीछे की तरफ गर्दन मोड़ कर उसने अपने होंठों से मुझे फ्लाइंग किस दी!

मैं सावधानीपूर्वक उसके नितम्बों को अपने हाथों से सहारा देते हुए ऊपर की और उचकाने लगा और उसकी चूत निर्बाध रूप से दो-दो मोटे लंड अपने अन्दर समेटना शुरू हो गई. साफ नजर आ रहा था कि अब मेरी नताशा को इतना मजा आ रहा था कि वो स्वयं ही अपने चूतड़ ऊपर की और उठाते हुए हमारे मेहमानों के लंडों पर पटकने लग गई थी! उसके शरीर में एक नई उर्जा का संचार हो चुका था और अब उसे बिल्कुल भी थकान महसूस नहीं हो रही थी.

लंड में वाकई बहुत शक्ति है… और यहाँ तो वो दो-दो थे, मुर्दा लड़की में भी जान डाल सकने में समर्थ! उन्होंने मेरी प्राणप्यारी पत्नी को एक नया जीवन ही दे दिया था!

मैंने धीरे से गोरी ब्लॉन्ड रशियन लड़की के चूतड़ों के नीचे से अपने हाथ हटाए और अपना लंड हाथ में लेकर मेरी प्रोस्टीट्यूट बीवी के सामने खड़ा हो गया. उसने मुस्कुराते हुए मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और अपनी नर्म-गुलाबी जीभ से अच्छी तरह चूसना प्रारंभ कर दिया.
“ओओओ… शानदार पोज़ सोचा है तुमने मेरे प्यारे हब्बी… ओ ओओ ओओ… चप चप चप चप… सुपर पोज़! सुपर चुदाई!! चप चप चप चप…” मेरे लंड को पागलों की तरह चूसती हुई मेरी अतिउत्तेजित पत्नी कहने लगी.

नताशा इस समय उत्तेजना के चरम पर थी और बिना किसी थकावट के दो लंडों को अपनी चूत और मेरे लंड को अपने मुंह में लेते हुए मस्त हुई जा रही थी. कमरे में वासना की आग भड़की हुई थी और चाटने की चप चप और चुदाई के धक्कों की मधुर आवाजों का संगीत गूंज रहा था!
“मेरे प्यारे पति… और जोर-जोर से चोदो मेरे मुंह को… आआआआ… गज़ब… सुपर! चप चप चप चप चप… आआआआ… और आप जुड़वा… मस्त होकर चोदिये अपनी साझी एक दिन की बीवी को! खूब मस्त करके चोदिये… आआआह… मस्त! मस्त! मस्त!… पच पच पच पच पच… ख्लोप-ख्लोप-ख्लोप-ख्लोप-ख्लोप…” मेरी पत्नी मस्ती में बोल रही थी.

नताशा फिर से ऊपर-नीचे, आगे-पीछे कमर चलाती हुई दो-दो लंडों को अपनी चूत के अन्दर समेटने लगी- आआआ… ओओओ… और जोर से मेरे पतियों… हाँ ऐसे! बहुत अच्छा!! मजा आ गया!!! मैं आप दोनों के लंडों को अपने अन्दर महसूस कर रही हूँ… अपने पहले पति को मुंह में… गजब! चलिए मेरे सारे पतियों, मिलकर जोर-जोर से धक्के लगाइए… ओ-ओ-ओ-ओ-ओ-ओ-ओ… क्लास! आ-आ-आ-आ-आआ… चोदते रहिए मेरे पतियों… रुकिए मत…

अब नताशा पागलों की तरह सारे लंडों को अपने अन्दर समेटे कूदे जा रही थी, और एरिक भी उसी की तरह पागल हुआ उसकी कमर पकड़े पीछे से उसकी चूत में धक्के मारने में तल्लीन था.

“ओओओ ओओओ ओओ… आआ आआ आआ… चलो एरिक, और अन्दर तक घुसेड़ो… हाँ, ऐसे…” और नताशा अब बुलेट ट्रेन की रफ़्तार से आगे-पीछे होती हुई आर्थर और एरिक के लंडों को अपनी चूत के अन्दर ही रोके हुए उन पर अपनी ओवरी को घिसती जा रही थी… मुझे पता था कि ये उसका ट्रेड मार्क स्टाइल है… जब वो बहुत अधिक उत्तेजित हो जाती है तो इसी प्रकार अपनी ओवरी को लंड के ऊपर रगड़ती, घिस्से मारती हुई ही झड़ती है.

लेकिन आज तो गज़ब ही हो रहा था… वो इकट्ठे दो-दो लंडों के ऊपर अपनी ओवरी को घिस रही थी… हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ… ऐसे, हाँआआआ आआआआ आआआ आआआआ…

और तभी, ठीक उसी वक़्त जब मेरी पत्नी झड़ रही थी, आर्थर और एरिक भी चिल्लाने लगे… वो भी इकट्ठे!
ये मैं क्या देख रहा था!!
अपने लंड को नताशा के मुंह के अन्दर उत्तेजित हो खूब तेजी के साथ घुसेड़ता हुआ मैं यही सोच रहा था कि वो भी झड़ने जा रहे थे… वो भी चूत में मेरी बीवी की!! लेकिन मेरी उन्हें रोकने की बिल्कुल भी इच्छा नहीं हो रही थी. मैं इतना उत्तेजित था कि खुद ही चाह रहा था कि आर्थर और एरिक एक साथ ही नताशा की चूत में झड़ जाएँ, और खुद नताशा भी!

अभी मैंने सोचा ही था कि आर्थर और एरिक नताशा की कमर पकड़ कर झटके खाने लग गए. वो उसकी चूत के अन्दर झड़ रहे थे… और वो भी झड़ रही थी… दो लंड उसकी चूत के अन्दर अपना वीर्य निकाल रहे थे, और उसकी चूत भी स्खलित हो रही थी!

मैं उत्तेजना के आधिक्य में फट पड़ा और नताशा के सिर को अपने हाथों से जकड़ कर उसके मुंह के अन्दर हुचक-हुचक कर झड़ने लगा!
मेरी पत्नी ने मेरा सारा वीर्य पी लिया.

“मैं झड़ गई दोस्तो!” और वो आंखें बन्द कर मेरे पैरों को ऊपर निढाल हो गई.
आर्थर और एरिक बोले- हम भी झड़ गए!
“मैं भी दोस्तो…” मैं बोला और अपना लंड नताशा के मुंह से बाहर निकाल लिया.

हमारी शानदार चौकड़ी झड़ चुकी थी… सब ढीले हो गए थे… सब निढाल पड़े थे! नताशा सबसे ज्यादा बुरी हालत में थी, वो अपनी ऑंखें बंद किए ऐसे पड़ी हुई थी, मानो उसमें जान ही न हो!
मैंने उसके गालों को थपथपाया, तो उसने मुस्कुराते हुए अपनी आंखे खोल दी. मेरी जान में जान आई.
“तुम ठीक हो जानेमन?” मैंने उससे पूछा.
“हाँ डार्लिंग,” वो बोली- बस थोड़ा थक गई हूँ…

और फिर वो अचानक उठ कर बैठ गई, भाग कर बाथरूम में घुस गई और अपनी वेजिना बोतल में गर्म पानी भरने लगी. फिर उसने बोतल के इंजेक्टर को अपनी चूत में घुसेड़ कर अपने दोनों हाथों से दबा- दबा कर गर्म पानी अपनी ओवरी में घुसाना शुरू कर दिया. ऐसा उसने कई बार दोहराया, जब तक कि उसकी ओवरी से आर्थर और एरिक का सारा वीर्य बाहर नहीं निकल गया!

हालाँकि इस बात की कोई गारंटी तो नहीं थी कि सारा वीर्य बाहर आ गया था और अब नताशा के प्रेग्नेंट होने का कोई खतरा नहीं था, लेकिन हम तो बस उम्मीद ही कर सकते थे, और उम्मीद पर तो दुनिया कायम है!

जब धुलाई ख़त्म हो गई तो नताशा थक कर निढाल हो चुकी थी और उससे अब बाथटब के ऊपर बैठा भी नहीं जा रहा था… वो एक तरफ को गिरी जा रही थी!
आर्थर, एरिक संग हम तीनों दौड़ कर उसके पास पहुंचे, और उसे अपने हाथों पर उठा कर बेडरूम में लाए, उसे बेड पर लिटा कर कम्बल से ढक दिया. उसने आँखें खोल कर हमारी तरफ देखा और फिर मुस्कुरा दी और फिर बोली- आप लोग किचन में जाकर कुछ स्वादिष्ट तैयार कीजिए, मैं थोड़ा सा आराम करना चाहती हूँ!

“तुम चिंता मत करो डार्लिंग!” मैं उसके सिर को सहलाता हुआ बोला- तुम आराम से लेटो, जब तक जी करे… और जब तुम आओगी, तुम्हें किचन में सब कुछ तैयार मिलेगा!
जवाब में मेरी महान पत्नी सिर्फ मुस्कुराई और फिर करवट बदल कर लेट गई.

हम तीनों लड़के किचन में आ गए, और जाम का दौर शुरू हो गया. खाने पीने के बाद आर्थर और एरिक मेरे शुक्रगुजार होते हुए मुझसे विदा मांग अपने घर चले गए और मैंने फ्लैट की सफाई शुरू कर दी.

करीब आधे घंटे बाद जब सफाई ख़त्म हुई तो नताशा जाग चुकी थी, मैंने उसे गर्म कॉफ़ी बना कर दी.
वो मेरी छाती से सिर टिकाए हुए मेरी शुक्रगुजार होते हुए कॉफ़ी पीने लगी तो मैं उससे बोला- शुक्रगुजार तो मैं हूँ तुम्हारा! तुमने आज इतना शानदार उपहार जो दिया है मुझे!
उसने हँसते हुए मेरे होंठों को चूम लिया और हँसती हुई बोली- अब कम से कम पूरा हफ्ता आराम… नाम भी मत लेना ग्रुप सेक्स का!

मैं भी हंस दिया और बोला- देखते हैं… कब तक रह पाएँगे हम दो दीवाने ग्रुप सेक्स के!
मेरी इस बात पर मेरी नताशा फिर से खनखना कर हंसने लगी.

3in1@inbox.ru

Check Also

लिफ्ट-ड्रॉप यानि उठा-पटक वाली चुदाई- 6

Lift Drop Yani Utha-Patak Wali Chudai- Part 6 मेरी कामुक कहानी के पिछले भाग लिफ्ट-ड्रॉप …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *