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लिफ्ट-ड्रॉप यानि उठा-पटक वाली चुदाई- 6

Lift Drop Yani Utha-Patak Wali Chudai- Part 6

मेरी कामुक कहानी के पिछले भाग

लिफ्ट-ड्रॉप यानि उठा-पटक वाली चुदाई-5

में आपने पढ़ा:

हम चारों किचन में जा जमे. नताशा को हमने लिकर और खुद वोदका पीने लगे. इस बार हमने आज की शाम की मलिका नताशा के नाम का जाम पिया.

“और क्या हाल है नताशा डार्लिंग?” मैंने नताशा से उसका आगे का प्रोग्राम जानने की गरज से पूछा.
“मेरा मूड अब बिल्कुल शानदार बन चुका है… और कंपनी तो तुम देख ही रहे हो, कितनी शानदार है! और क्या चाहिए एक सुन्दर पत्नी को अपने लविंग हसबेंड से!” नताशा ने हँसते हुए जवाब दिया.
“तुमने बिल्कुल सही कहा, कंपनी तो आज वाकई बेस्ट है… मैं अपनी वाइफ की परफॉरमेंस पर तो रश्क ही कर सकता हूँ! वैसे, तुम “वेरा-माइना”* वाले मोमेंट को किस तरह डिसक्राइब करना चाहोगी?” मैंने उसकी राय जाननी चाही.
“सुपर! वाज द बेस्ट!! ये तो वाकई कुछ ऐसा शानदार था, जो मैंने आज से पहले जिन्दगी में कभी अनुभव नहीं किया… और अगर देखा जाए तो इन कम्पलीट, टुडे आइ हेव गोट फक्ड इन बेस्ट वे! अब तो चाहे मर भी जाऊं तो कुछ गम नहीं!!” नताशा चेहरे पर नशीली मुस्कान के साथ बोली.

“फू! मरें तुम्हारे दुश्मन…” आर्थर ने बात में शामिल होते हुए कहा- मरें वो, जो हम से जल रहे हों… तुम्हारी और उठने वाली किसी भी गलत नज़र को मैं काट कर रख दूंगा! तुम्हारे लिए तो मैं अपनी गर्दन भी कटा दूंगा!!
फिर थोड़ा ठंडा होता हुआ मुस्कुरा कर बोला- वैसे तो अगर मैं मर गया, फिर हमारी नताशा को “वेरा-माइना” कौन कराएगा!

“तो क्या, तुम्हारी अभी और भी चुदाई करने की इच्छा है?” नताशा प्रसन्नता मिश्रित आश्चर्य के साथ चीखी!
“और सिर्फ एक बार नहीं!” प्यार में डूबे मर्द ने जवाब दिया- अगर तुम स्वयं ही थक नहीं गई हो तो!
“अरे थकने की ऐसी-तैसी… चाहो तो अभी और सौ बार चुद सकती हूँ… स्पेशली तुम्हारे साथ…” और उसने अपनी नजर घुमा कर एरिक संग हमारी ओर देखते हुए कहा- एरिक के साथ… और ऑफ़ कोर्स अपने प्यारे पति के साथ!

“मैं अब और सहन नहीं कर सकता! मुश्किल से कण्ट्रोल किए हूँ!” मैं चिल्लाया- जब तक तुम दयालुता के साथ हमारे मेहमानों को अपने छेद बाँट रही थी, किसी तरह कण्ट्रोल किए हुए चुप बैठा था!
“तुम्हें पसंद नहीं आया मेरा चुदना?” थोड़ी नाराज होकर मेरी पत्नी शिकायती स्वर में बोली- मुझे कितना अच्छा लगा… कितनी खुश हूँ मैं आज!
“ईश्वर बचाए मुझे ऐसे पाप से… जो मैं अपनी पत्नी की ख़ुशी से खुश ना होऊं! कैसी बात कर रही हो तुम! ऑफ़ कोर्स पसंद आया, वो भी इतना कि बताने के लिए शब्द नहीं हैं मेरे पास! बल्कि मैं तो चाहता हूँ कि तुम हमेशा बस ऐसे ही चुदा करो मेरी आँखों के सामने!” मैंने अपनी आत्मा खोल दी अपनी पत्नी के सामने.

“ओए! तुम कितना प्यार करते हो मुझे! मैं तुम्हारा बहुत सम्मान करने लगी हूँ… आज मेरी नजरों में तुम्हारा कद बहुत बढ़ गया है!! मैं तो हमेशा से ही ऐसी चुदाई के सपने देखती थी, सिर्फ तुम्हें इस बारे में कहते हुए शर्माती थी.”
चलो देर आई, दुरूस्त आई!- अब खूब जमेगा रंग, जब मिल बैठेंगे पति-पत्नी संग! अब तो हम हर वीकेंड पर ऐसा ग्रुप सेक्स सेशन किया करेंगे… क्या कहती हो?” मैंने खुश होते हुए नताशा का समर्थन किया.
“मैं तैयार हूँ!” मेरी पत्नी ने अपनी नशीली आँखें तरेरते हुए कहा.
“तो हो गया फैसला…” मैंने पटाक्षेप किया और नर्म स्वर से बोला- तो अब जरा अपने पति का भी कुछ ख्याल कर लो…

अपना आधा भरा जाम टेबल पर रख मेरी मॉडल जैसी पत्नी इठलाती हुई चाल से कदम रखती हुई मेरी कुर्सी के पीछे आ गई, मेरी गर्दन पर झुक कर उसका चुम्बन लिया. जवाब में मैं भी कुर्सी से उठ खड़ा हो गया और उसको आलिंगन में भर अपने होंठ उसके होंठों से चिपका दिए.
मेरी पत्नी ने मेरे होंठों को चाट लिया और अपनी सुगन्धित, गुलाबी जीभ मेरे मुंह में घुसेड़ दी. मैं अपने प्यार की नर्म-स्वादिष्ट जीभ को चूसने लगा और उसने अपने बाएँ हाथ को मेरी शॉर्ट्स के अन्दर डाल दिया, हाथों द्वारा टटोल कर अपना सगा लंड ढूँढा और अपने नर्म हाथ से उसको सहलाने लगी.

फिर नताशा ने सोफा चेयर पर बैठने की इच्छा जाहिर की और मैं उसके सामने खड़ा हो गया. वो सोफे पर बैठ कर मेरे लंड को चूसने लगी. मेरे लंड में खून दौड़ने लगा और वो जल्द ही कठोर हो गया; कुछ सेकंड्स में वो पत्थर की तरह कठोर हो गया और नताशा के मुंह के भीतर ही टनटनाने लगा.

हमारे दोनों मेहमान भी हमारे नजदीक आ गए, आर्थर अपनी जीभ से मेरी जन्म-जन्मान्तर की साथी की चूचियों को चाटने लगा, एरिक उसके क़दमों में बैठ कर उसकी सुगन्धित, गुलाबी, क्लीन शेव्ड चूत को चाटना शुरू हो गया.
“आख… आआआ…” कुछ समय के लिए जब वो मेरा लंड अपने मुंह से बाहर निकालती तो उसकी मदहोश कर देने वाली कराहटें सुनाई देने लगती थीं.

आर्थर ने एक झटके में अपनी अंडरवियर उतार फेंकी और अपने लंड से मेरी वाइफ के मेरा लंड चूस रहे गालों से रगड़ने लगा. मैंने मेहमान के सम्मान में अपना लंड अपनी पत्नी के मुंह से बाहर निकाल लिया और आर्थर ने फ़ौरन अपने मोटे ढपाल को उसके मुंह में घुसेड़ दिया.

मेरे लंड के मुंह से निकलते ही आर्थर का लंड अन्दर लेती हुई नताशा का चेहरा बदल गया, उसकी आँखें फ़ैल गई, गाल फूल गए. फर्क साफ़ नजर आ रहा था, आखिर आर्थर का लंड मेरे लंड से लगभग दो गुना मोटा, और इतना ही लम्बा था!

करीब पांच मिनट की धुआंधार चुसाई के बाद हम सभी बेड के ऊपर आ गए. मेरी जीवनसाथी अभी तक आर्थर का लंड चूस रही थी और अब एरिक ने भी अपना लंड उसकी ओर बढ़ा दिया.
मेरी अनमोल पत्नी ने बिना देर किए एरिक के लंड को भी चूसना शुरू कर दिया. अब वो बारी-बारी से दोनों के लंडों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी.

तब मैं आगे बढ़ कर बेड पर लेट गया और नताशा अगल बगल खड़े आर्थर और एरिक के लंडों को चूसती हुई मेरे लंड को अपनी चूत में डलवा कर मेरे पेट के ऊपर बैठ गई. अब तक नताशा के मुंह में स्थित आर्थर का लंड अतिउत्तेजित हो इतना फ़ैल चुका था कि नताशा के मुंह के अन्दर मुश्किल ही समा रहा था! उसका मुंह आर्थर के लंड को अपने अन्दर समाए हुए फट पड़ने को तैयार हो रहा था और होंठों के किनारों से थूक बाहर आ रहा था जो आर्थर के लंड द्वारा नताशा के मुख-मंथन से पैदा हुआ था.

अब आर्थर ने पोज़ बदलने का निश्चय किया, उसने हम पति-पत्नी को नीचे की ओर खिसकने को कहा और स्वयं बेड से नीचे उतर गया. अब नताशा अपने घुटनों के बल मेरे पेट के ऊपर लेटी मेरे लंड को अपनी चूत में चला रही थी.

जब आर्थर अपनी सबसे प्रिय नताशा की गांड को अपने ढपाल लंड से टहोकने लग गया. मेरी नाजुक गुड़िया की मानो साँसे ही रुक गईं. जब पीछे खड़े आर्थर ने मेरे लंड से भरपूर उसकी चूत के ऊपर स्थित गांड में अपना हैम जैसा मोटा लंड अन्दर घुसेड़ना शुरू कर दिया. मेरी रसियन वाइफ मुंह में एरिक का लंड लिये हुए घू-घू की आवाजें निकालने लगी और उसकी आँखों में आंसू छलक आए!
इसको कहते हैं- एयर टाइट पोज़!

मेरी गोरी बार्बी डॉल के शरीर से कुछ भी बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था… उसका दर्द भी सिर्फ उसकी आँखों के रास्ते आंसुओं के रास्ते बाहर निकल रहा था. उसके तीनों छेद तीन लंडों द्वारा सील थे! लेकिन उसकी आँखों में फिर भी कोई भय नहीं दिख रहा था और वो धीरे-धीरे दोबारा सामान्य होती जा रही थी.

यह देख कर मेरा मन उसके प्रति अपार श्रद्धा से भर गया और उत्तेजना से भी! मैं भी उसकी चूत में धक्के मारने लगा. मुझे अपने द्वारा लगे जा रहे धक्कों से ज्यादा आर्थर द्वारा उसकी गांड में मारे जा रहे धक्कों का अनुभव हो रहा था, मुझे उसके नताशा की गांड में मारे जा रहे धक्के चूत में स्थित अपने लंड पर भी महसूस हो रहे थे.

अब नताशा को दर्द नहीं हो रहा था, जिसकी गवाही अब उसकी आवाज दे रही थी… अब वो कराह नहीं रही थी, बल्कि उसके मुंह से मस्ती भरी आहें निकल रही थीं.

समय के साथ आर्थर ने अपनी जानी-पहचानी रफ़्तार पकड़ ली और मेरी वफादार पत्नी की अब तक पूरी फ़ैल चुकी गांड को अपने गर्दभ लंड से फाड़ता हुआ भयानक चुदाई करने लगा. मेरी पत्नी के चूतड़ कभी आगे-पीछे, कभी ऊपर-नीचे चलने लगे थे क्योंकि उसे दो-दो लंडों को अपने छेदों में तालमेल बिठाना पड़ रहा था.

“आआआआ… क्लास! लगाते रहिए धक्के! मुझे बहुत मजा आ रहा है… और अन्दर तक घुसाइये! ओओओओ… मस्त! पता है कितनी मस्ती आ रही है!… आर्थर, तुम और जोर से रगड़ कर अन्दर घुसाओ!! आईईई ईईईई… क्या शानदार चोदा है तुमने इस बार… आआआ…”

कुछ देर बाद हमने आपस में अपने स्थान बदल लिए, एरिक ने आर्थर का स्थान ले लिया और आर्थर ने मेरा… मैं एरिक के स्थान पर पहुँच गया… कितना भाईचारा था हमारी इस चौकड़ी में!

हम सब बिना किसी द्वेष भावना के एक दूसरे के साथ मिल-बाँट कर खा रहे थे. इसीलिए मेरी इच्छा है कि दुनिया में सभी पत्नियों को कम से कम दो पतियों का रखना लीगल कर दिया जाए, और पार्टनर्स की संख्या असीमित! वो जिसके साथ चाहे, सेक्स कर सकती हो.
मैं सोचता हूँ कि सिर्फ इस तरीके से ही संसार को बचाया जा सकता है!

स्थान बदल जाने के बाद मैं अपनी पत्नी के मुंह को ड्रिल करने लगा था. वैसे ये उत्कर्ष भी ज्यादा देर नहीं चला, क्योंकि जल्दी ही मैं उसकी गांड मारने लगा, दोनों हमारे मेहमान मेरी पत्नी का मुंह चोदने लगे.

अचानक मेरे दिमाग में एक शानदार आइडिया आया… मैं अपना सांवला लंड अपनी पत्नी की गांड से बाहर निकाल कर उसकी आर्थर द्वारा चोदी जा रही चूत में घुसाने का प्रयत्न करने लगा. मेरी कोशिश हालाँकि कामयाब नहीं हो सकी क्योंकि चूत के अन्दर पहले से ही आर्थर का ताकतवर लंड उछल-कूद मचाए हुए था. हाँ अगर इसके विपरीत अगर मैं पहले से चूत मार रहा होता, और आर्थर भी अपना लंड चूत में घुसाना चाहता, तो अवश्यम्भावी है कि उसका विशाल, ताकतवर लंड मेरे लंड को दबाता, कुचलता हुआ मेरी पत्नी की चूत में घुस जाता!

वैसे भी एनाटोमी के हिसाब से अगर देखा जाए तो महिला की योनि की बनावट अन्दर से घुमावदार होती है, जिसकी वजह से उसके अन्दर एक लिंग योनि के घुमाव के अनुसार दिशा प्राप्त कर चुदाई करने लगता है, और अब यदि दूसरा लंड उसमें घुसना चाहे तो वो एक भिन्न कोण से दाखिल हो सकता है, लेकिन चुदाई करने में वह तभी समर्थ होगा यदि वो पहले से घुसे हुए लंड से ज्यादा बड़ा, और ताकतवर हो! इस दशा में वो योनि को अपने एंगल में मोड़ देगा, साथ ही साथ पहले से चुदाई कर रहे लंड को भी!

लेकिन यहाँ तो परिस्थितियाँ ऐन विपरीत थीं! इस परिस्थिति में तो कोई दूसरा, आर्थर जैसा लंड ही पार पा सकता था… तब मैंने अंदाज लगाया, कि इस परिस्थिति में यदि गांड मारी जाए, तो सफलता मिल सकती है!

“नताशा! चलो तुम आर्थर के पेट पर बैठ कर उसके लंड को अपनी नन्ही गांड में घुसने दो, और मैं पीछे से तुम्हें डबल एनल का मजा देने की कोशिश करूँगा!”

मेरी नताशा फ़ौरन तैयार हो गई, और सब कुछ जैसे मैंने कहा था, कर दिया. मैं अब उसकी गांड, जिसमें आर्थर का लंड मस्त होकर अन्दर-बाहर हो रहा था, के मेकेनिज्म को समझने की कोशिश करने लगा. फिर मैं सावधानी पूर्वक अपने लंड को पत्नी की आर्थर के लंड से ठसाठस भरी गांड के एक किनारे से किसी झिर्री के माध्यम से अन्दर घुसेड़ने की कोशिश करने लगा.
शुरू में ऐसा हो पाना मुश्किल लग रहा था, क्योंकि आर्थर का दो किलो का लंड तेजी के साथ मेरी गुड़िया की गांड में अन्दर-बाहर हो रहा था! शायद आर्थर को भी मेरी परेशानी का अंदाजा लग गया, और उसने कुछ समय के लिए अपनी गति कम कर दी.

तब मैंने कोशिश करते हुए आखिर वो झिर्री तलाश ही ली, जिसके अन्दर मेरा टोपा घुस गया, फिर मैंने थोड़ा जोर लगा कर अपना आधा लंड नताशा की गांड में घुसेड़ दिया! अब आर्थर ने फिर से अपने धक्कों की रफ़्तार बढ़ानी शुरू कर दी, और उसके समान्तर घुसे मेरे लंड को भी उसी अनुपात में चुदाई तेज करनी पड़ी!

नताशा थोड़ी बहुत कुनमुनाई, लेकिन उसे कुछ विशेष परेशानी हुई हो, ऐसा मुझे नजर नहीं आया. कुछेक धक्कों के बाद मेरी प्रियतमा ने भी अपने कूल्हे चलाने शुरू कर दिए. लग रहा था कि उसे मजा आने लगा था, और वो अपना एक हाथ आर्थर की छाती पर टिकाए, और दूसरे से मेरी जांघ को पकड़े हुए मुझे अपनी ओर खींच रही थी.

“आआआआ… ईईईईईई… बहुत शानदार सोचा है तुमने पतिदेव! कितना मजा आ रहा है! तुमने कैसे सोचा ये सब!? खैर, वो सब अब इतना इम्पोर्टेन्ट नहीं है… आआआह… कितना मजा आ रहा है!! मैं अब और जोर से आर्थर के लंड पर कूदना चाहती हूँ… जरा सम्भलिएगा मेरे प्यारे पतियो!!” और वो तेज गति से अपने चूतड़ ऊपर की ओर उठाने लगी, जिसकी वजह से मुझे भी अपने धक्के तेज करने पड़े, वर्ना मेरा लंड मेरी पत्नी की ठसाठस गांड से बाहर आ जाता!

वैसे मजा तो बहुत आ रहा था, लेकिन मेरे दिमाग में तो अब ये ख्याल आने लगे, कि किस प्रकार नताशा की गांड में दो हैम घुसेड़े जाएँ! आर्थर और एरिक के लंडों को यदि हैम मानें तो मेरा लंड तो सिर्फ सॉसेज की केटेगरी में ही आएगा. और अगर देखा जाए तो एक हैम अन्दर होने पर यदि दूसरी सॉसेज अन्दर घुसने में कामयाब हो गई है तो क्या दूसरा हैम नताशा जैसी लड़की जो सेक्स के लिए नए-नए प्रयोग करने से पीछे नहीं हटती, की गांड के अन्दर नहीं घुस पाएगा!

अचानक मेरा दिमाग एक नया विचार आने से फट पड़ा! मैंने इस पोज़ को जल्दी से ख़त्म किया और आर्थर और एरिक को बेड पर एक दूसरे से विपरीत दिशाओं में सिर रख कर लेटने को कहा, फिर उन्हें अपने पैर फैला कर एक दूसरे के नजदीक खिसकने दिया जब तक कि दोनों के लंड बिल्कुल मिल नहीं गए.
तो अब जरूरी “कंस्ट्रक्शन” तैयार था!

नताशा सब कुछ समझ कर चेहरे पर मीठी मुस्कान के साथ उस “कंस्ट्रक्शन” पर झुक गई, पहले बारी-बारी दोनों लंडों को चूसने लगी. कुछ देर बाद वो कोशिश करके दोनों टोपों को अपने मुंह में घुसेड़ने में कामयाब हो गई.
आआह… क्या नज़ारा था! दुनिया की सबसे सुन्दर लड़की, मेरी वाइफ एक साथ दो-दो मोटे-मोटे टोपों को अपनी नर्म, गुलाबी जीभ से चाट रही थी… ये शानदार था! ये गज़ब था!! क्या नज़ारा था…
मेरी नताशा की सुगन्धित गुलाबी जीभ पूरी लम्बाई में बाहर निकल आर्थर और एरिक के फनफनाते टोपों को एकसाथ चाट रही थी!! स्वयं नताशा इतनी उत्तेजित थी, कि वो अपना एक हाथ से अपनी चूत सहलाने लगी थी, दूसरे हाथ से दोनों विदेशी मेहमानों के लंडों को आपस में जोड़ कर थामे हुए थे!!

मेरी कर्तव्यनिष्ठ पत्नी जी-जान से दोनों टोपों को इकठ्ठा अपने मुंह में लेने का प्रयत्न कर रही थी, और समय-2 पर इसमें कामयाब भी हो जाती थी, परन्तु लंड इतने मोटे थे कि टोपों से आगे रशीयन बार्बी डॉल के मुंह में नहीं घुस पा रहे थे. ऐसा होने पर मेरी परिश्रमी पत्नी उन्हें मुंह से बाहर निकल कर अपनी चिकनी-गुलाबी जीभ से चाटने लग जाती थी, दोनों, किसी काऊबॉय के हैट समान मोटे टोपों पर एक साथ अपनी जीभ फेरते हुए!!

ये मेरे जीवन का सबसे अनमोल पल था… इस पल के लिए मैं अपना सब कुछ लुटाने को तैयार था, और मेरे लंड में खून तेजी से दौड़ रहा था, मैं बस झड़ने से ही बचा हुआ था!

मेरी सेक्सी बीवी की ग्रुप में चुदाई की कहानी जारी रहेगी.
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